UP RO-ARO Exam 2024: यूपी लोकसेवा आयोग की आरओ एआरओ भर्ती परीक्षा लीक मामला अब तूल पकड़ने लगा है. अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन भी अब तेज होने लगा है।. प्रयागराज की सड़कों पर उतर कर अभ्यर्थी भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहें हैं. हाथों में भर्ती परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग वाले पोस्टर लेकर अभ्यर्थी शहर के सिविल लाइंस की सड़को पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहें हैं. एहतियातन सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी तैनात है.


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भर्ती रद्द कर दोबारा एग्जाम की मांग
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का आरोप है कि बीते दिनों लोकसेवा आयोग ने आरओ एआरओ 2023 की परीक्षा जो कराई थी वह लीक हुई है. ऐसे में भर्ती परीक्षा को दोबारा कराया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. पिछले कई दिनों से अभ्यर्थी लोकसेवा आयोग के गेट पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन अब यह विरोध प्रदर्शन सिविल लाइंस की सड़कों पर पहुंच गया है. सोमवार को अभ्यर्थी भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग के लिए सिविल लाइंस में पैदल मार्च करते हुए धरना स्थल पर पहुंच गए. धरना स्थल पर एकत्रित होकर अभ्यर्थी भर्ती परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.


क्या बोले प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी अमित राजभर ने बताया,  "11 फरवरी को हुए सहायक समीक्षा अधिकारी और समीक्षा अधिकारी का पेपर लीक हो गया था. 12 फरवरी से हम धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. हमारी मांग है कि पेपर कैंसिल हो और रीएग्जाम कराया जाए." प्रदर्शनकारी  अभ्यर्थी नैना ने कहा, "हमारी मांग है कि आरओ का पेपर लीक हुआ है, वह रद्द हो. पेपर सुबह 8 बजे से ही वायरल हो गया था. हम लोगों ने पढ़ाई की थी, अगर पेपर लीक न होता तो सिलेक्शन के चांस ज्यादा थे. कुल 400 ही पोस्ट हैं, ऐसे में हम लोगों का चयन कैसे होगा. हम तैयारी कर एग्जाम देने वाले कहां जाएंगे."


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यूपी पुलिस सिपाही भर्ती हो चुकी है रद्द
बता दें कि उत्तर प्रदेश में कांस्टेबल के 50 हजार से ज्यादा पदों पर आयोजित हुई भर्ती लिखित भर्ती परीक्षा को योगी सरकार ने 24 फरवरी को रद्द करने की घोषणा की थी. साथ ही 6 महीने के भीतर दोबारा एग्जाम कराने के निर्देश दिए. लाखों अभ्यर्थी पेपर लीक के दावे कर भर्ती को रद्द करने और दोबारा परीक्षा की मांग कर रहे थे. यूपी पुलिस पेपर लीक मामले की जांच का जिम्मा एसटीएफ को सौंपा गया है. सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. 


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