Maa Brahmcharini Mantras: सनातन परंपरा में मां दुर्गा के 09 स्वरूपों की पूजा के बारे में बताया गया है. इन स्वरूपों की अलग अलग तरह से साधना की जाती है और अलग अलग मंत्रों का जाप भी किया जाता है. नवरात्रि व्रत को लेकर मान्यता है कि इन 09 दिनों में भक्तों पर देवी दुर्गा की असीम कृपा बरसती है. शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी की पूजा करने का विधान है. माता के इस पावन स्वरूप की नवरात्रि के दूसरे दिन पूजा की जाती है. इस दिन कुछ मंत्र को जपने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और सभी कष्ट दूर होते हैं. आइए कुछ मंत्रों को बारे में जानते हैं. 


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माता ब्रह्मचारिणी की पूजा के लिए विशेष मंत्र
नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी के स्वरूप की पूजा होती है. इस दिन साधक को कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए. मान्यता है कि शक्ति का आशीर्वाद पाने के लिए कुछ मंत्रों का जाप किया जा सकता है. माता ब्रह्मचारिणी की पूजा में ‘दधाना करपद्माभ्यामक्षमालाकमण्डलू, देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा’ अथवा ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:’ मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला पर किया जाना चाहिए. लाल रंग के ऊनी आसन पर जातक को बैठकर कर पूरे मन से और बिना बोले मंत्र का जाप करना चाहिए. देवी ब्रह्मचारिणी के मंत्र का जाप हमेशा श्रद्धा व विश्वास के साथ करना चाहिए. इस दौरान आपकी माला किसी दूसरे को न दिखे इस बात का ध्यान रखना चाहिओ. मंत्र जप के नियमानुसार माला को हमेशा ही गोमुखी में लेकर ही जाप करना सही होता है. 


मां ब्रह्मचारिणी के पूजा मंत्र भी जान लीजिए (Maa Brahmacharini Ke Puja Mantra)
ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:।
दधाना कपाभ्यामक्षमालाकमण्डलू। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा।
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।


मां ब्रह्मचारिणी को क्या भोग चढ़ाएं (Maa Brahmacharini Ka Bhog)
मां ब्रह्मचारिणी को शक्कर का भोग अति प्रिय है. सफेद खाद्य पदार्थ भी माता को भोग के रूप में चढ़ा सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी को अगर शक्कर का भोग चढ़ाया जाए तो भक्त की आयु में वृद्धि का माता वरदान देती हैं. 


मां ब्रह्मचारिणी को कौन सा रंग भाता है? (Maa Brahmacharini Ka Favourite Colour)
मां ब्रह्मचारिणी वैसे तो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं लेकिन उनका प्रिय रंग लाल है. माता को वट वृक्ष यानी कि बरगद के पेड़ का फूल अति प्रिय है.


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