लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव ( UP Panchayat Chunav) को लेकर सरगर्मियां तेज हो रही हैं.  दिसंबर में खत्म हो रहे पंचायत सदस्यों के कार्यकाल के बाद मार्च में चुनाव कराए जाने की तैयारी है. इसके लिए जल्द ही आरक्षण का फार्मूला भी तय कर लिया जाएगा. चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को पता चल जाएगा कि उनके क्षेत्र में आरक्षण होगा या नहीं. वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाएगी. 


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वोटर को मिलेंगे 4 मतपत्र
इस बार भी चुनाव मतपत्र के सहारे किए जाएंगे. इसके लिए चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी है. जिलों में मतपत्र भेजे जाने लगे हैं. इस बार एक वोटर को एक साथ चार मतपत्र मिलेंगे. क्योंकि ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य का चुनाव एक साथ कराया जाएगा. 


गौरतलब है कि पिछले बार ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य का चुनाव एक साथ और क्षेत्र पंचायत सदस्य- जिला पंचायत सदस्य के चुनाव अलग-अलग हुए थे. हालांकि, इस बार सभी पदों के लिए एक बार में चुनाव कराने की तैयारी है. 


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खत्म हो रहे हैं कार्यकाल 
 ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के कार्यकाल भी जल्द खत्म होने वाले हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्राम प्रधानों का कार्यकाल दिसंबर में,  क्षेत्र पंचायत सदस्य का कार्यकाल जनवरी में और जिला पंचायत सदस्य का कार्यकाल मार्च में खत्म हो रहा है. कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासनिक अधिकारी कार्यभार संभालेंगे. गौरतलब है कि चुनाव अब तक खत्म हो जाने चाहिए थे. लेकिन कोविड-19 संक्रमण के चलते इसमें देरी हो रही है. 


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