Yogi Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों-शोरों से चल रही हैं. चुनावी तैयारियों की बीच योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार की चर्चा तेज हो गई. आज यानी 28 नवंबर को योगी कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर रणनीति बनेगी. जानकारी के मुताबिक, सीएम योगी ने अपने सभी मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तलब कर लिया है. शाम 4:00 बजे सीएम कैबिनेट मंत्रियों की बैठक लेंगे. इसके बाद शाम 5:00 बजे राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और राज्य मंत्रियों के साथ भी बैठक में शामिल होंगे. वहीं दूसरी तरफ ओपी राजभर और अमित शाह की मुलाकात को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के मुलाकात के बाद कैबिनेट विस्तार की तारीख का ऐलान हो सकता है. 


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30 नवंबर को शाह से मिल सकते हैं राजभर 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर 30 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात कर सकते हैं. राजभर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मिल सकते हैं. लंबे समय से योगी सरकार में मंत्री बनने के इंतजार में बैठे राजभर ने बताया कि अलग-अलग प्रदेशों में हो रहे विधानसभा चुनाव में व्यस्तता के चलते कैबिनेट विस्तार में देरी हो रही है. 


कैबिनेट विस्तार का समय नहीं हो पा रहा तय 
गौरतलब है कि एनडीए के साथ गठबंधन के बाद से ही ओम प्रकाश राजभर प्रदेश सरकार में मंत्री बनने का दावा करते आ रहे हैं. राजभर का कहना कि उनका मंत्री बनना तय है, लेकिन ऐसा कब होगा यह भाजपा नेतृत्व ही तय करेगा. उन्होंने बताया कि सब कुछ तय है, केवल समय तय नहीं हो पा रहा है. उन्होंने अमित शाह से मिलने के लिए समय मांगा है. उम्मीद है कि 30 नवंबर को  मुलाकात होगी. अमित शाह से मुलाकात के दौरान वह अपनी बात रखेंगे. इसके बाद ही कैबिनेट विस्तार की तारीख बताई जाएगी. 


दारा सिंह चौहान मंत्रिमंडल में हो सकते हैं शामिल 
सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट विस्तार में तीन से चार मंत्रियों का पत्ता कट सकता है. ओमप्रकाश राजभर और दारा सिंह चौहान का मंत्री बनना तय माना जा रहा है. राजभर और दारा सिंह के अलावा दो अन्य नेताओं को योगी कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है. इसके अलावा ऐसे नेता जो पिछली सरकार में मंत्री रहे, लेकिन इस बार मौका नहीं मिला उनमें से भी एक चेहरा शामिल हो सकता है. बता दें कि दारा सिंह चौहान को घोसी विधानसभा उपचुनाव में सपा के प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा था. दारा सिंह पिछड़े वर्ग के बड़े नेता माने जाते हैं. वह सपा, बसपा और बीजेपी की सियासी पारियों के साथ यूपी की राजनीति का अहम हिस्सा रहे हैं.


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