अलीगढ़: यूपी के अलीगढ़ में पद्मा विभूषण (Padma Vibhushan) पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय कल्याण सिंह (Kalyan Singh) की प्रथम पुण्यतिथि मनाई गई. जहां उनकी प्रतिमा का अनावरण किया गया. कल्याण सिंह के प्रपौत्र मंत्री संदीप सिंह की विधानसभा अतरौली (Atrauli) में अवंतीबाई चौक (Avantibai Chowk) पर प्रतिमा लगाई गई. इस दौरान चौक पर कल्याण सिंह के समर्थकों की बड़ी संख्या में भीड़ जुट गई. बता दें कि प्रथम पुण्यतिथि पर सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने लखनऊ में प्रतिमा अनावरण का ऐलान भी किया था. बता दें कि इस दौरान बाबूजी के परिवारजनों के साथ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे. 


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अतरौली में श्रद्धांजलि देने वालों का लगा रहा तांता
आपको बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूजी कल्याण सिंह की प्रतिमा का अनावरण के बाद, ''संघर्ष का दूसरा नाम है कल्याण'' बाबूजी के नाम से बनाए गए रामघाट कल्याण मार्ग का बजट स्वीकृत होने का इंतजार है. प्रतिमा का अनावरण के दोरान भावभीनी श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा रहा. 


शाखा में जाया करते थे पूर्व मुख्यमंत्री
बता दें कि अतरौली के गांव मढ़ौली में एक साधारण किसान परिवार में 5 जनवरी 1932 को जन्मे कल्याण सिंह का जन्म हुआ था. बचपन से ही वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) की शाखा में जाया करते थे. वहीं, उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद वह अतरौली के रायपुर स्थित इंटर कॉलेज में अध्यापक बन गए. बाबूजी स्वर्गीय कल्याण सिंह 1967 में पहली बार अतरौली के विधायक बने. वह 1980 तक लगातार विधानसभा के सदस्य भी रहे. आपातकाल के दौरान स्वर्गीय श्री कल्याण सिंह 21 महीने तक अलीगढ़ एवं बनारस जेल में भी रहे.


मरणोपरांत बाबूजी को दिया गया पद्म विभूषण पुरस्कार 
इसके बाद वह 1980 में भाजपा के गठन के बाद प्रदेश संगठन महामंत्री बनाए गए. जिसके बाद वह प्रदेश के गांवों और घरों में घूम-घूमकर भाजपा की जड़ें मजबूत करने में लग गए. वहीं, आज भाजपा दुनिया के सबसे अधिक सदस्यता वाली पार्टी है. आपको बता दें कि कल्याण सिंह की रविवार को पहली पुण्यतिथि थी. इसको लेकर दो अलग अलग जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए. वहीं, आज 23 अगस्त को अतरौली और नरौरा में कल्याण सिंह की प्रतिमाओं का अनावरण किया गया. बता दें कि मरणोपरांत बाबूजी को पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा गया.


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