Gautam Adani, world’s second richest man : गौतम अदानी दुनिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं. फोर्ब्स की रियल टाइम बिलिनेयर लिस्ट के अनुसार, अदाणी क संपत्ति कुल 155 अरब डॉलर को पार कर गई है. उन्होंने बर्नार्ड को पीछे छोड़ दिया है. अडाणी की संपत्ति में 5.5 अरब डॉलर का बड़ा उछाल आया औऱ वो वर्ल्ड के दूसरे सबसे दौलतमंद शख्स बन गए. लेकिन बहुत कम ही लोगों को पता है कि गौतम अडाणी का एक बार अपहरण का प्रयास भी हो चुका है. साथ ही वो 2008 के मुंबई हमले के वक्त भी ताज होटल में मौजूद थे, लेकिन वो सकुशल बच निकले. 


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अहमदाबाद के मूल कारोबारी अडाणी ने जिंदगी में दो ऐसी चुनौतियां भी झेली हैं, जहां उनकी जान पर बन आई थी. 60 साल के अडाणी का 1998 में अपहरण कर लिया गया था. उनसे 15 लाख डॉलर की फिरौती भी मांगी गई थी. हालांकि अपहरणकर्ताओं ने उन्हें बिना किसी फिरौती या कुछ नुकसान पहुंचाए छोड़ दिया था. मुंबई में जब 26/11 को आतंकी हमला हुआ था, तब अडाणी उसी ताज होटल में मौजूद थे. जिसे आतंकियों ने निशाना बनाया था. 


अडामी ने 1980 में कॉलेज की पढ़ाई छोड़कर हीरा कारोबार में अपनी किस्मत आजमाई थी, फिर अपने भाई के प्लास्टिक बिजनेस में मदद में लग गए. 1988 में उन्होंने अडाणी एक्सपोर्ट्स की शुरुआत की और यहीं से उनकी किस्मत चमकी. उनके परिवार से 12 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी. पुलिस चार्जशीट के मुताबिक, गौतम अडाणी और शांतिलाल पटेल का बंदूक की नोक पर न्यू ईयर (1 जनवरी 1998) के दिन कर्णावती क्लब के पास अपहरण हुआ था, जब दोनों कार से कहीं जा रहे थे. अपहरणकर्ता उन्हें कार में बैठाकर अज्ञात स्थान पर ले गए. लेकिन किडनैपर पकड़ लिए गए और मुकदमा चला लेकिन 2018 में बरी कर दिए गए.


26 नवंबर 2008 को मुंबई के ताज होटल में आतंकी हमले के दौरान अडाणी डिनर कर रहे थे. हमले के दौरान वो बेसमेंट जाकर छिप गए. बाद में कमांडो ने उन्हें वहां से सुरक्षित निकाला. इस हमले में 160 लोगों की मौत हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडाणी उस वक्त दुबई पोर्ट के सीईओ मोहम्मद सर्राफ के साथ वेदर क्रॉफ्ट रेस्तरां में डिनर कर रहे थे, तभी अंधाधुंध गोलीबारी और ग्रेनेड हमले के बाद सब भागने लगे. ऊंचाई पर होने के कारण वहां मौजूद लोगों ने आतंकियों को अंदर घुसते साफ तौर पर देखा. होटल स्टॉफ की मदद से वो बेसमेंट में जाकर छिप गए. बाद में उन्हें ताज चैंबर हॉल में ले जाया गया.


अडाणी ग्रुप चेयरमैन ने एक इंटरव्यू में कहा था, हम 100 लोगों से ज्यादा थे और सभी भगवान से प्रार्थना कर रहे थे. इस दौरान अहमदाबाद में उन्होंने अपने परिवार से भी बात की. होटल के बाहर उनके कमांडो उनका इंतजार कर रहे थे, लेकिन मदद नहीं कर पा रहे थे. अगले दिन सुबह उन्हें निकाला जा सका.