मोहम्मद गुफरान/प्रयागराज : माफिया अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम एनकाउंटर मामले में मजिस्ट्रिटयल जांच होनी है. इस जांच के लिए झांसी के नगर मजिस्ट्रेट अंकुर श्रीवास्तव को नियुक्त किया गया है. मजिस्ट्रियल जांच को लेकर अगले एक सप्ताह तक बयान दर्ज कराना होगा. लिखित या फिर घटना से जुड़े साक्ष्य को पेश किए जा सकते हैं. मजिस्ट्रियल जांच में एनकाउंटर को लेकर परिवार/रिश्तेदार या कोई अन्य भी अपना बयान दर्ज करा सकता है. 13 अप्रैल को झांसी के बडगांव में हुए एनकाउंटर में असद और गुलाम मारे गए थे. उमेश पाल हत्याकांड में दोनों फरार चल रहे थे. एसटीएफ की टीम ने दोनों को मुठभेड़ में मारा गिराया था.


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पुलिस का कहना था कि दोनों अतीक अहमद को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने के लिए झांसी पहुंचे थे. दोनों की गिरफ्तारी के प्रयास किए गए थे. लेकिन उन्होंने एसटीएफ पर फायरिंग कर दी थी. एसटीएफ की ओर से की गई जवाबी कार्रवाई में असद और गुलाम मारे गए थे. 


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इस एनकाउंटर पर यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने कहा था कि एसटीएफ की टीम महीने भर से असद अहमद और गुलाम का पीछा कर रही थी. उन्होंने कहा कि एक बार तो शूटर गुलाम केवल पांच मिनट की देरी से मिस हो गया था, लेकिन इस बार टीम को कामयाबी मिल गई. वहीं एनकाउंटर की न्यायिक आयोग द्वारा भी जांच की जा रही है. बुधवार को हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस राजीव लोचन और पूर्व डीजी वीके गुप्ता ने घटनास्थल पर करीब 40 मिनट तक जांच की.न्यायिक आयोग 60 दिनों में अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. सभी की नजरें अब मजिस्ट्रियल जांच और न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर हैं.


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