बाराबंकी: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बाराबंकी (Barabanki) में बनी घास फूस से बनी बायो-फर्टिलाइजर और आलू उत्पादन की 56 इंच की नई तकनीक किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. जिले के किसान मेवालाल ने इसे तैयार किया है. इस बायो-फर्टिलाइजर को देखने कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज सिंह, कृषि सचिव योगेश कुमार, विदेश व्यापार के कृषि सचिव अनुराग यादव पहुंचे. इस दौरान अधिकारियों की टीम ने नई तकनीक की विधि को विस्तार से जाना. उन्होंने कहा कि बायो-फर्टिलाइजर पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके लैब भेजी जाएगी. जिससे प्रदेश के अन्य किसानों को भी इस तकनीक का लाभ मिल सके.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

Hindu Calendar 2023: साल 2023 में होंगे 13 महीने, 2 माह का होगा सावन, 19 साल बाद बन रहा ये संयोग


आलू उत्पादन की नई 56 इंच तकनीक की ली गई जानकारी
आपको बता दें कि टीम ने हरख ब्लॉक के ग्राम पंचायत दौलतपुर में पद्मश्री प्रगतिशील किसान राम सरन वर्मा की 56 इंच की नई तकनीक से की जा रही आलू की खेती को भी देखा. जानकारी के मुताबिक किसान राम सरन के अपने खेतों में आलू, केले, टमाटर और स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने प्रदेश के अन्य किसानों से वैकल्पिक खेती कि दिशा में आगे बढ़ने की अपील की.


Entertainment News: उर्फी जावेद ने सड़क पर सबको किया दंग, सोशल मीडिया पर जमकर किया जा रहा ट्रोल


कृषि उत्पादन आयुक्त ने दी जानकारी
इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त मनोज सिंह ने जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज खेती भी एक व्यवसाय है. आयुक्त ने कहा कि योगी सरकार की मंशा के अनुरूप आज प्रदेश के किसान खेती में नया प्रयोग करके अच्छा लाभ कमा रहे हैं. हमारी कोशिश है कि प्रदेश के बाकी किसान भी नए तरीके की किसानी सीखने के लिए आएं, जिससे वह भी इन नई तकनीक को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें. इस दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने आस-पास के गांव से आए किसानों से भी बातचीत भी की.