मोहम्मद गुफरान/प्रयागराज: संगम की बीच धार में चिकन पार्टी का वीडियो कुछ दिन पहले सोशल मीडिया में वायरल हुआ था. इसको लेकर साधु संतों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. अब संत समाज ने संगम के आसपास मांस और शराब की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध की मांग की है. 4 अगस्त को इस मुद्दे को लेकर साधु-संतों की एक अहम बैठक हुई. बैठक में साधु संतों ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया है कि संगम क्षेत्र के चारों तरफ पांच कोस में मांस और शराब के खरीद-बिक्री के साथ ही सेवन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए.


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सीएम योगी से की कार्रवाई की मांग


साधु संतो ने बैठक के जरिए योगी सरकार से मांग की है कि इसको लेकर एक नीति बनाई जाए. साधु संतों का कहना है कि संगम भारतीय संस्कृति सबसे बड़ा तीर्थ स्थल है. पूरी दुनिया और सनातन संस्कृति से जुड़े लोग यहां आते हैं. यहां की पवित्रता को बनाए रखने के लिए सरकार को संगम क्षेत्र के चारों तरफ पांच कोस में मांस और मदिरा के खरीद-बिक्री के साथ ही सेवन पर पूरी तरह से रोक लगाई जाना चाहिए. साधु संतो ने कहा है कि सीएम योगी से उन्हें पूरी उम्मीद है कि वह जरूर संतो की इस मांग पर विचार करेंगे.


आश्रम को अतिक्रिमण से मुक्त कराएं


अलोप शंकरी शक्ति पीठ मंदिर के परिसर में एकत्रित अखाड़ों और मठों के साधु-संतों ने महर्षि भरद्वाज आश्रम को भी कब्जे से मुक्त कराने की मांग की है. श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव महंत यमुना पुरी महाराज ने कहा कि योगी आदित्यनाथ खुद एक संत हैं, उन्होंने काशी और अयोध्या को धार्मिक पहचान दिलाई है. उनसे उम्मीद है कि साधु-संतो की इस मांग को वह गंभीरता से लेंगे. संगम नगरी प्रयागराज के दारागंज में गंगा घाट पर कुछ दिनों पहले नाव पर मांस मदिरा और हुक्का पार्टी करते हुए वीडियो वायरल हुआ था. जिसके बाद साधु संतों में आक्रोश फैल गया था. इस मामले में संतों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है. इससे पहले विश्व हिंदू परिषद गौ रक्षा काशी प्रांत के महामंत्री लालमणि तिवारी ने सीएम योगी को पत्र लिखकर संगम क्षेत्र में मांस मदिरा के सेवन के साथ क्रय विक्रय पर पूरी तरीके से पाबंदी की मांग की थी. वहीं अब साधु संतो की तरफ से भी संगम क्षेत्र में मांस मदिरा पर रोक लगाए जाने की मांग की गई है.