अतुल सक्सेना/मैनपुरी : सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामचरित मानसे के मुद्दे पर एक बार फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सभी भगवानों और हर धर्म को मानती है. पार्टी हर अच्छाई को मानती है. भगवान विष्णु के जितने भी अवतार हैं, उन सब को मानती है. लेकिन अगर कहीं प्रश्नचिन्ह उठा है और यह लड़ाई कोई हिंदू धर्म की आज की नहीं है. पांच हजार साल से भी ज्यादा हो चुके हैं, इसलिए मैंने अभी उदाहरण दिया था. बीजेपी के लोगों को रामधारी दिनकर की कविताएं पढ़नी चाहिए और एक बार फिर इतिहास के पन्ने पलटने चाहिए. इसलिए वो जवाब देने से भाग नहीं सकते हैं.


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अखिलेश ने कहा बीजेपी के लोग किसी भगवान को नहीं मानते. यह रिलीजियस साइंटिस्ट जैसे इनोवेशन होता है. यह इनोवेटर्स हैं. बीजेपी के लोग कब क्या इनोवेशन कर दें, धर्म में कौन सी नई बात जोड़ दें, किसी को नहीं पता. दरअसल कुछ दिन पहले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने रामचरित मानस को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. इस पर देशभर में लोगों का विरोध देखने को मिला है. देशभर के संतों ने भी इस मुद्दे पर अपना विरोध जताया था. हालांकि सपा नेता शिवपाल पहले ही इसे स्वामी प्रसाद मौर्य की निजी राय बता चुके हैं.


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बीजेपी का आखिरी बजट
बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश ने कहा कि यह आखिरी बजट था बीजेपी सरकार का. मैं तो यह कहूंगा यह विदाई बजट था. एमएलसी चुनाव पर उन्होंने कहा कि भाजपा डराकर चुनाव जीती है. बीजेपी ने कहा था 2022 तक किसानों की आमदनी दुगनी होगी. मुझे लगता है बीजेपी के लिए 2022 अभी तक नहीं आया है. अखिलेश रविवार को एक कार्यक्रम में शिरकत करने मैनपुरी पहुंचे थे.


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