नई दिल्ली: सीतापुर जेल में बंद सपा के सांसद आजम खान (SP MP Azam Khan) को तो राजनैतिक गलियारों में लोग भूलने ही लगे थे, कि उनकी बहू सिदरा अदीब आज़म खान (Sidra Adeeb) ने अखिलेश यादव और सपा (Akhilesh ) के पक्ष में हाल ही में नरमी भरे बयान देकर एक बार फिर लोगों का ध्यान रामपुर क्षेत्र (Rampur) के इस कद्दावर मुस्लिम नेता की ओर मोड़ा है. सिदरा अदीब ने कहा कि 'हम पार्टी या और किसी पर तोहमत नहीं लगा सकते कि उन्होंने पापा का साथ नहीं दिया, पार्टी हमारे साथ है, अकेले नहीं छोड़ा है हमें'. 


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

अब बात आजम खान (Azam Khan in Jail) के जेल में बंद होने और उनके खानदान की निकल आई तो फिर उनके और उनके परिवार की पड़ताल ही कर लें. कहने को तो आजम आज भी रामपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं, पर हाल-फिलहाल उनके ऊपर इतने मामलों की कायमी है कि वो शायद इनकी गिनती भी न कर पाएं. पुलिस में दर्ज रिकॉर्ड के हिसाब से आजम भैंस चोर हैं, बकरी चोर हैं, किताबें भी उन्होंने चुराई हैं, भूमाफिया हैं, अवैध पेड़ कटवाएं हैं, किसानों की जमीन जबरदस्ती हथियाई है और न जाने किन-किन मुकदमों में वे फंसे हुए हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि कोर्ट-कचहरी पुलिस के चक्कर में इस खानदान में सबसे दुखी आजम ही हैं, तो आपका अंदाजा गलत है. उनके परिवार में शायद ही कोई पुलिस और मुकदमों के जाल से बच पाया हो. उनकी विधायक पत्नी तजीन फातिमा (Tazeen Fatma) के साथ-साथ उनके बड़े बेटे और सपा विधायक अब्दुल्ला आजम पर भी उत्तर प्रदेश की ओर से कई मामले दर्ज हो रखे हैं.


ये भी पढ़ें- कोविड प्रोटोकॉल उल्लंघन के 3 लाख केस वापस: योगी सरकार ने आमजन के लिए लिया फैसला


योगी सरकार की कुछ ज्यादा ​कृपा
प्रदेश में योगी की भाजपा सरकार आने से पहले तक आजम खान की चांदी थी, जैसे ही भाजपा सत्ता में आई आजम की फाइलें खुलीं और उनके परिवार के खिलाफ एक के बाद एक कई मुकदमे दर्ज हुए. उनके पकड़ में न आने पर जब कुर्की का आदेश जारी हुआ तब जाकर आजम खान ने अपनी पत्नी तजीन फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ 26 फरवरी 2020 को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया. इसके बाद तीनों को सीतापुर की जेल भेज दिया गया था. पत्नी के खिलाफ सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद वह तो जेल से बाहर आ गईं, पर आजम खान जेल में डले रह गए. 


ये भी पढ़ें- बनने से पहले बिखरा 10 दलों का मोर्चा? ओवैसी-शिवपाल को नहीं भाई अखिलेश-राजभर की यारी


 


पहले भी जा चुके हैं जेल 
वैसे आजम के लिए जेल जाना कोई अभी की बात नहीं है, बल्कि इंदिरा गांधी के समय में आपातकाल के विरोध में भी वह जेल में रहे. तब वे अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र संघ के महासचिव चुने गए थे और उनके कांग्रेस विरोधी रवैये के कारण उन्हें जेल भेजा गया था. आजम खान को पांच गुना आठ फीट की ऐसी अंधेरी कोठरी में डाला गया था, जिसमें रोशनी की किरण तक नहीं आती थी. एक बार वे तब विवादों में फंसे, जब लोकसभा में पीठासीन अधिकारी रमादेवी पर उन्होंने एक कथित अभद्र टिप्पणी की. इस मामले में उन्हें बुरी तरह से घेरा गया था. उस समय उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म करने की मांग कई महिला सांसदों ने भी उठाई थी. आजम खान का छोटे बेटा अदीब आजम खान पर भी फांसीघर की सरकारी ज़मीन खरीदने-बेचने के आरोप में यूपी पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज की गई थी. यह मामला अभी चल रहा है और इसमें अदीब के अलावा 36 और लोग भी फंसे हुए हैं.


WATCH LIVE TV