लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत से जुड़ी बड़ी खबर है. करीब 8 सालों बाद उत्तर प्रदेश बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री पद से सुनील बंसल (Sunil Bansal) को हटाकर उन्हें उड़ीसा और तेलंगाना और पश्चिम बंगाल का प्रदेश महामंत्री संगठन बनाया गया. इसके साथ ही उन्हें पार्टी में राष्ट्रीय महामंत्री का भी पद दिया गया है. 


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उत्तर प्रदेश बीजेपी को पिछले 8 सालों से सांगठनिक तौर पर सुनील बंसल ने जबरदस्त तरीके से मजबूत किया. 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी की बंपर जीत हुई और केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी. जिसमें प्रत्याशियों के चयन की जिम्मेदारी सुनील बंसल पर रही. उसके बाद 2017 में यूपी का विधानसभा चुनाव हुआ, जब प्रदेश अध्यक्ष बीजेपी के केशव प्रसाद मौर्य थे और संगठन महामंत्री सुनील बंसल अपनी अगुवाई में पार्टी को धार दी और संगठन को मजबूत किया और उत्तर प्रदेश में 2017 में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनी.


एक लंबे अरसे बाद फिर 2019 के लोकसभा चुनाव में यूपी में फिर बीजेपी को बड़ी जीत हासिल हुई और केंद्र में दोबारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार बनी. उसके बाद 2022 का चुनाव आया तो अखिलेश यादव ने बड़ा गठबंधन तैयार किया. लेकिन इस बार भी मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर योगी आदित्यनाथ सबसे आगे थे और संगठन में सुनील बंसल प्रत्याशियों के चयन से लेकर उत्तर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने को लेकर योगी आदित्यनाथ और सुनील बंसल ने जमकर काम किया जिसके बाद 2022 में दोबारा सरकार बनी.


चार दशक बाद उत्तर प्रदेश के इतिहास में इतिहास को दोहराया गया कि कोई सरकार दो बार लगातार रिपीट हुई हो. इससे पहले 1985 में नारायण दत्त तिवारी लगातार दो बार मुख्यमंत्री रहे.


धर्मपाल को मिली प्रदेश संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी
एक लंबे समय बाद यानी 8 साल बाद सुनील बंसल को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय मंत्री बनाते हुए उन्हें 3 प्रदेशों का प्रभारी बनाया गया और उत्तर प्रदेश में उनकी जगह पर बिजनौर के रहने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में 27 सालों तक काम करने वाले झारखंड के प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल को उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी दी गई. धर्मपाल ने लंबे समय तक छात्र राजनीति के ही साथ ही पार्टी को आगे बढ़ाया. बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व लगातार धर्मपाल की सेवाएं लेता रहा और उनके मार्गदर्शन में देश के कई इलाकों में चुनाव हुआ. यही वजह है कि धर्मपाल को उत्तर प्रदेश जैसे बड़े सुबह की जिम्मेदारी दी गई है. क्योंकि 2024 में बीजेपी का 75 प्लस का नारा साकार करना है. 


जानिए कौन हैं धर्मपाल सिंह सैनी
धर्मपाल सिंह सैनी यूपी के बिजनौर जिले के रहने वाले हैं. उनके यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री बनाए जाने पर परिवार और जिले में ख़ुशी की लहर दौड़ गई. इसके पहले वह झारखंड में प्रदेश संगठन महामंत्री थे. वह 1990 से विद्यार्थी परिषद में पूर्णकालिक रहे. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के संयुक्त क्षेत्रीय संगठन मंत्री रहे. उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश, ब्रज और पूर्वी उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री रहे.


उन्होंने 2017 के विधानसभा चुनावों में संघ की ओर से बीजेपी के लिए काम किया. जुलाई 2017 में झारखंड में भाजपा के संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी मिली. पहली बार नगर निगमों, जिला परिषदों में बीजेपी को जीत दिलाई. वहीं, 2020 के बिहार विधानसभा, 2021 के असम विधानसभा और 2022 के उत्तर विधानसभा चुनावों में भी बीजेपी को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई.