लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार लव जिहाद को लेकर काफी आक्रमक रुख अपनाए हुए है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लव जिहाद को रोकने के लिए कड़ा कानून लाने की बात कह चुके हैं. कानून का मसौदा भी तैयार हो गया है. इसे आज यानी मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में विचार के लिए पेश किया जाएगा. ऐसी उम्मीद है कि योगी कैबिनेट लव जिहाद कानून के ड्रॉफ्ट पर आज अपनी मुहर लगा देगी. उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का इस बारे में कहना है कि लव जिहाद के खिलाफ सख्त कानून इस प्रकार की घटनाओं पर अंकुश लगाने में कारगर सिद्ध होगा.


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जो छल करता है उस पर कार्रवाई होनी चाहिए: मौर्या
केशव प्रसाद मौर्या ने कहा, "आज कैबिनेट में प्रस्तावित है कि यह विषय (लव जिहाद कानून ड्रॉफ्ट) आएगा. धोखा और प्रपंच करके या नाम छिपाकर विशेष तौर पर हिंदू लड़कियों को निशाना बनाने की प्रदेश और देश में जो घटनाएं हुई हैं, वह गलत हैं. इस प्रकार से कोई साजिश करता है, छल करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. इसके लिए दंड का प्रावधान होना चाहिए. इस तरह की घटनाओं का अध्ययन करने के बाद ही यह विषय सरकार के संज्ञान में आया है. कैबिनेट में लव जिहाद कानून के ड्रॉफ्ट पर मुहर लगने के बाद इसे विधानमंडल में प्रस्तुत किया जाएगा.


उन्होंने आगे कहा, ''लव जिहाद के खिलाफ कानून बनने से इसके पीड़ितों को इंसाफ मिलेगा. जैसे ट्रिपल तलाक कानून लाने के बाद न्याय मिला है, वैसे ही इस कानून का भी लाभ मिलेगा. इस प्रकार की वारदात को अंजाम देने से पहले व्यक्ति कई बार सोचेगा.'' केशव प्रसाद मौर्या ने विपक्ष को भी अपने निशाने पर लिया. उन्होंने कहा, "विपक्ष इस समय मुद्दा विहीन और तर्क विहीन है. जब उनके पास कोई मुद्दा नहीं होता है, तो तर्क विहीन मुद्दा निकलते हैं. जब संपूर्ण भारत में इस प्रकार की कोई घटना घटती है, तो विपक्ष में मौनी बाबा बन जाता है. यदि कोई अच्छी व्यवस्था बनती है, तो उसका स्वागत करने के बजाए उसका विरोध केवल वोट बैंक की राजनीति है.''


इन राज्यों में लव जिहाद को लेकर मामला है गर्म
उत्तर प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों में लव जिहाद के मामले को लेकर राजनीतिक गर्मी देखी जा रही है. मध्य प्रदेश सरकार भी 'मप्र फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट 2020' का मसौदा तैयार कर चुकी है. इसके अलावा असम, हरियाणा, कर्नाटक और बिहार जैसे राज्यों में भी ऐसे कानून को लेकर चर्चा चल रही है.


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