Bharat Ki Nayi Khoj: यह तो दुनिया को मालूम है कि भारत ने ही जीरो की खोज की, लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा कि भारत अब किन खोजों पर काम कर रहा है? भारत में ऐसे कई क्षेत्रों में काम हो रहा है, जिसकी वजह से दुनिया में देश की तूती बोल रही है. हम आपके लिए एक सीरीज लेकर आ रहे हैं, जिसका नाम है "भारत की नई खोज." इसमें हम उन टॉपिक्स पर बात करेंगे, जिसमें नए भारत के नागरिकों के लिए गर्व की बात है. 


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कुछ अनकही बातें जिसके बारे में जानना जरूरी


भारतीय तकनीकी इंडस्ट्री में भारी वृद्धि देखी गई और एनलेटिक्स इंडिया मैग के अनुसार, साल 2022 में कुल 227 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ. देश वर्तमान में कुल प्रभावशाली 108 यूनिकॉर्न का घर है और 16 जनवरी को 'नेशनल स्टार्टअप डे' के रूप में घोषित किया गया. इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन 4.0 में से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सबसे शक्तिशाली माना जाता है. 2022 में भारत में एआई ने साल में कुल 12.3 बिलियन डॉलर का राजस्व अर्जित किया और 2027 तक बढ़कर 71 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है.


भारत एआई पर ग्लोबल पार्टनरशिप का कर रहा नेतृत्व


भारत 2022-23 के लिए एआई पर ग्लोबल पार्टनरशिप (GPAI) की अध्यक्षता संभाल रहा है. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने फ्रांस से अध्यक्षता लिया और अब जीपीएआई के प्रमुख है. भारत 25 सदस्य देशों में एआई के बारे में टेक इनोवेशन पार्टनरशिप और पॉलिसी मेकिंग में अधिक शामिल होगा.


भारत ने बनाया एआई और रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी पार्क (ARTPARK)


पिछले साल मार्च में, देश का पहला आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स टेक्नोलॉजी पार्क (First Artificial Intelligence And Robotics Park) बेंगलुरु में लॉन्च किया गया था. केंद्र और राज्य सरकारों से 230 करोड़ रुपये की प्रारंभिक पूंजी के साथ, इसे भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) बेंगलुरु द्वारा शुरू की गई एक गैर-लाभकारी फाउंडेशन द्वारा प्रमोट किया जाता है. एआई फाउंड्री के साथ आर्टपार्क ने भारत में एआई और रोबोटिक्स में इनोवेशन को आगे बढ़ाने के लिए 100 मिलियन डॉलर का वेंचर फंड लॉन्च किया.