Abdul Rehman Makki listed in international terrorist list: पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल रहमान मक्की के मसले पर चीन ने अपने दोस्त पाकिस्तान को एक बड़ा झटका दे दिया है. भारत में कई आतंकी हमलों का आरोपी और पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल रहमान मक्की अब अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित हो चुका है. सुरक्षा परिषद की ग्लोबल टेरेरिस्ट लिस्ट में उसका नाम शामिल हो गया है. दरअसल, अब तक चीन मक्की को अंतरराष्ट्रीय आतंकियों की लिस्ट में शामिल करने को लेकर अड़ंगा लगाते आया था. लेकिन 16 जून 2023 को चीन ने अपना हाथ पीछे खींच लिया और इसी के साथ अब्दुल रहमान मक्की को ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित कर दिया गया है.


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

दरअसल, अमेरिका और भारत ने पहले ही आतंकी मक्की को आतंकी घोषित कर दिया था. लेकिन UN सुरक्षा परिषद में चीन के वीटो की वजह से बार-बार ये अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित होने से बच जा रहा था. जून 2022 में भी ISIL प्रतिबंध समिति और अल-कायदा के तहत आतंकवादियों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन चीन ने मक्की के खिलाफ भारत और अमेरिका को प्रस्ताव को पारित नहीं होने दिया था और सुरक्षा परिषद की ग्लोबल टेरेरिस्ट लिस्ट में मक्की को शामिल किए जाने अड़ंगा लगा दिया था.


कौन है आतंकी मक्की?
अब्दुल रहमान मक्की आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा (LeT) यानी जमात उल दावा (JuD) का पॉलिटिकल विंग का मुखिया है. मक्की को एलईटी के अंतरराष्ट्रीय मामलों का प्रमुख भी बताया जाता है. वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख और 26/11 हमले के मास्टरमाइंड आतंकी हाफिज मोहम्मद सईद का बहनोई है.


भारत में कई आतंकी हमलों में आरोपी
अब्दुल रहमान मक्की भारत के जम्मू-कश्मीर में आतंक फैलाने, आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने, आतंकी संगठन के लिए पैसे जुटाने, आतंकियों को भर्ती करने और उन्हें ट्रेंड करने का काम करता रहा है. लश्कर ए तैयबा को भारत में हुए कई आतंकी हमलों का जिम्मेदार माना जाता है. साल 2000 में लालकिले पर हुए हमले, 2008 में रामपुर कैंप पर हुए हमले समेत बारामुला, श्रीनगर, बांदीपोरा आतंकी हमले को भी लश्कर के आतंकियों ने अंजाम दिया था. इन हमलों में मक्की का नाम भी आ चुका है.


पाकिस्तान में हो चुका गिरफ्तार
अब्दुल रहमान मक्की को पाकिस्तान सरकार ने साल 2019 में आतंकी घटनाक्रम में शामिल पाए जाने पर गिरफ्तार किया था. पाकिस्तान की तरफ से ये गिरफ्तारी फाइनेंशिएल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) द्वारा डाले गे दबाव के बाद की गई थी. इसके बाद पाकिस्तान की कोर्ट ने मक्की को आतंकवादी घटनाओं के लिए पैसे जुटाने का दोषी ठहराया और उसे जेल भी भेजा था.


पाठकों की पहली पसंद Zeenews.com/Hindi - अब किसी और की जरूरत नहीं