Mahakaleshwar Jyotirling Mandir: मध्य प्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन को माना जाता है और यहां महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Jyotirling Mandir) की कई रोचक कहानियां हैं. यहां की पूजा में शामिल होने के लिए श्रद्धालु हमेशा उत्सुक रहते हैं. यहां भस्म आरती होती है, जिसमें एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है. जो आपको भी अजीब लगेगा. इस आरती के दौरान महिलाओं को 10 मिनट के लिए महाकाल बाबा के दर्शन करने की अनुमति नहीं होती है. ऐसा करने की एक प्रमुख वजह भी होती है. इस दौरान महिलाएं घूंघट कर लेती हैं. ऐसा क्‍यों होता है? आइए जानते हैं.   


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भस्‍म आरती के वक्‍त नए रूप में आते हैं महाकाल   


महाकाल मंदिर के पुजारी बताते हैं कि भस्‍म आरती के वक्‍त महाकाल, शिव रूप से शंकर रूप में आ जाते हैं यानी वे निराकार से साकार रूप धारण करते हैं. उस वक्‍त उन्‍हें भस्म लगाई जाती है और उनके अभ्यंग स्नान के दर्शन महिलाओं को नहीं करने दिया जाता है. ऐसे में उन्‍हें घूंघट करने का बोला जाता है. वहां के पुजारी बताते हैं कि जिस तरह वस्त्र बदले जाते हैं, वैसे ही भगवान महाकाल निराकार रूप से साकार रूप धारण करते हैं और यही वजह है कि कुछ समय के लिए महिलाओं को घूंघट करने को कहा जाता है. 


भस्म आरती के बुकिंग ऐसे करें 


अगर आप भस्‍म आरती के लिए बुकिंग करना चाहते हैं तो आपको मंदिर की वेबसाइट www.mahakaleshwar.nic.in पर विजिट करना होगा. वहां आप लाइव दर्शन के साथ ही भस्म आरती के लिए बुकिंग कर सकते हैं. 


सिर्फ यहां चढ़ती है भस्म 


12 ज्योतिर्लिंग हैं, जिसमें से तीसरे नंबर पर भगवान महाकाल का स्थान माना गया है. उन्‍हें ब्रह्मांड का राजा भी कहा जाता है. यहां पर रोजाना भगवान महाकाल को भस्म चढ़ाई जाती है. यहां सबसे पहले भस्म आरती होती है और उसके बाद ही सुबह की आरती, और भोग चढ़ाया जाता है. इसके अलावा संध्या आरती और शयन के बाद महाकाल के पट बंद कर दिए जाते हैं. अगर आप यहां दर्शन करना चाहते हैं तो सुबह 4:00 बजे से रात 11:00 बजे के बीच में जा सकते हैं. आपको बता दें कि सिर्फ इसी ज्योतिर्लिंग में भस्म चढ़ाई जाती है.   


(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.)


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