Corona Vaccine: भारत में 11 महीने में कैसे बनी कोरोना की वैक्सीन? किताब Braving a Viral Storm में जानिए
Book का नाम है Braving a viral storm...जिसके लेखक हैं आशीष चंदोरकर और सूरज सुधीर. इस किताब को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने दिल्ली में लॉन्च किया. किताब की एक कॉपी लेखक आशीष चंदोरकर ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की.
Launching of Braving a viral storm: भारत ने 11 महीने में कोरोना वायरस की वैक्सीन कैसे बनाई और कूटनीतिक तरीके से दुनिया से मिल रही आलोचनाओं और तारीफों का सामना कैसे किया इस पर एक किताब आई है. किताब का नाम है Braving a viral storm...जिसके लेखक हैं आशीष चंदोरकर और सूरज सुधीर. इस किताब को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने दिल्ली में लॉन्च किया. किताब की एक कॉपी लेखक आशीष चंदोरकर ने आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की.
डॉ मनसुख मांडविया के मुताबिक, दुनिया जब भारत को सवालों की नजर से देख रही थी तब भारत ने रिसर्च करके वैक्सीन लॉन्च की और बिना वीआईपी कल्चर के देश भर में वैक्सीन लगाई गई. यहां तक कि पीएम ने भी अपनी उम्र और बारी के हिसाब से वैक्सीन लगवाई.
आशीष चंदोरकर पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट हैं और फिलहाल WTO में भारत के मिशन डायरेक्टर हैं. आशीष के मुताबिक, भारत की वैक्सीन यात्रा के लिए कैसे पॉलिसी बनाई गई और विश्व को भारत की वैक्सीन पर भरोसा हो इसके लिए कैसे काम किया गया, किताब में ये खुलासा किया गया है. 16 जनवरी 2021 को भारत में वैक्सीन लगाई जानी शुरू की गई. किताब को वैक्सीनेशन के दो साल पूरे होने पर लॉन्च किया गया है. किताब की कीमत 495 रुपये है. बुक स्टोर पर मार्केट में आ चुकी है और ऑनलाइन सेल के लिए भी मौजूद है.
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