काठमांडू : नेपाल में आए भीषण भूकंप में घायल हुए लोग इतने दहतशत में हैं कि वे अस्पतालों के अंदर उपचार कराने के बजाए टेंट में उपचार करा रहे हैं।


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केदार प्रसाद श्रीवास्तव (75) के पेट की सर्जरी होनी है लेकिन भूकंप और इसके बाद आ रहे झटकों से वह इतने खौफ में हैं कि काठमांडू मेडिकल कॉलेज के बाहर खुले में उपचार कराना चाहते हैं। शनिवार को आए भूकंप में 4300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और आठ हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं।


श्रीवास्तव ने जब झटके महसूस किए तो उन्होंने खुद को अस्पताल से बाहर करवा लिया। भूकंप का इतना खौफ है कि वह खुले मैदान में बारिश, ठंड और मच्छरों के बीच उपचार कराना चाहते हैं। केएमसी में महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. सजीप्ता पंत ने कहा, हम रोगियों से अंदर आने को कह रहे हैं लेकिन भूकंप के डर से वे मना कर दे रहे हैं। शुरू में चिकित्सक भी भवन के अंदर रोगियों का इलाज करने से डर रहे थे।


केएमसी के एक अन्य महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज शाह ने कहा, हम क्या करें ? अगर हमें रोगियों का इलाज करना है तो हमें भी सुरक्षित रहना है। पहले दो दिनों तक हमने अस्पताल के अंदर रोगियों का इलाज किया। अब हमने नेपाल सशस्त्र पुलिस के मैदान में मोबाइल ऑपरेशन थियेटर बनाया है। बहरहाल दुनिया के अलग-अलग हिस्से से चिकित्सकों के दल के पहुंचने से चिकित्सकीय सहायता मिलनी शुरू हो गई है ।