Global Pressure यानी वैश्विक दबाव की वजह से पाकिस्तान को मजबूरी में ही सही...लेकिन हाफिज़ सईद को आतंकवादी घोषित करना पड़ा है. पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने एक ऐसे अध्यादेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा प्रतिबंधित व्यक्तियों और लश्कर-ए-तैयबा, अल-कायदा और तालिबान जैसे संगठनों पर लगाम लगाना है. इस लिस्ट में हाफिज सईद का संगठन जमात-उद-दावा भी शामिल है. अब तक पाकिस्तान, जमात उद दावा जैसे संगठनों को सिर्फ आतंकवाद की लिस्ट में रखकर काम चला रहा था.


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वो कभी आतंकवादियों को नज़रबंद करने की बात करता था, तो कभी उन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात करता था. लेकिन पाकिस्तान के राष्‍ट्रपति द्वारा अध्यादेश पर हस्ताक्षर करने के बाद जमात उद दावा घोषित आधिकारिक रूप से आतंकी संगठन हो गया है. और इसके पीछे एक बड़ी वजह ये भी मानी जा रही है....कि पेरिस में Financial Action Task Force की बैठक होने वाली है. जिसमें Money लॉन्डरिंग जैसे मामलों को लेकर अलग-अलग देशों की निगरानी होती है. पाकिस्तान इस मीटिंग से पहले ख़ुद को एक ज़िम्मेदार देश दिखाना चाहता है.


लेकिन ये भी माना जा रहा है, कि पाकिस्तान द्वारा उठाया गया ये क़दम आंख में धूल झोंकने वाला हो सकता है. इसलिए, दुनिया को पाकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षर किए गए किसी अध्यादेश पर नहीं, बल्कि उसके द्वारा उठाए गए कठोर कदमों पर नज़र रखनी चाहिए.