नई दिल्लीः Baba Siddique News: महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और NCP नेता बाबा सिद्दीकी हत्याकांड के तार हरियाणा के कैथल से जुड़ रहे हैं. इस हत्याकांड में गिरफ्तार किए दो संदिग्धों के दावे के अनुसार वे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े हैं. इन दो संदिग्धों में एक हरियाणा का गुरमेल बलजीत सिंह है. आरोपी गुरमेल के परिजनों की मानें तो उन्होंने गुरमेल को बेदखल किया हुआ है और उनका उसकी किसी भी गतिविधि से कोई लेना-देना नहीं है.


गांव में गुरमेल की दादी रहती है


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

गुरमेल कैथल के गांव नरड का रहने वाला है. बुजुर्ग के नाम पर उसके परिवार में मात्र एक दादी रहती हैं. गुरमेल की दादी ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि वह 11 साल पहले ही गुरमेल को अपने परिवार से बेदखल कर चुके हैं.


गुरमेल की दादी फूली देवी (60) ने आईएएनएस से कहा, 'वह मेरा पोता लगता है लेकिन अब वह मेरा कुछ नहीं लगता है. 11 साल पहले हमने उसको परिवार से बेदखल कर दिया था. तब से वह हमारा कुछ नहीं लगता है. अब चाहे तो कोई उसको मारे या फिर छोड़े, हमारा उससे कोई लेना-देना नहीं है. उसका चार-पांच महीने से हमें कोई अता-पता नहीं है. तबसे उसका न कोई फोन आया है और न ही वह घर आया है.'


माता-पिता की मौत हो चुकी है


जानकारी के अनुसार, आरोपी के मां-बाप की मृत्यु हो चुकी है और लंबे समय से अपने गांव में नहीं रह रहा था. गुरमेल की दादी ने बताया कि घर में केवल वह और उनका एक पोता रहता है.


जानकारी के मुताबिक, आरोपी गुरमेल कैथल साल 2022 में एक युवक की हत्या करने के मामले में कैथल जेल में बंद था. उसके बाद जमानत पर बाहर आने के बाद मुंबई में वह लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों के साथ संपर्क में आया. यह भी बताया जा रहा है कि गुरमेल कैथल जेल में ही लॉरेंस बिश्नोई के गुर्गों के संपर्क में आया था.


आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बाबा सिद्दीकी के घर और दफ्तर की रेकी की थी, वे डेढ़ से दो महीने से मुंबई में रहकर बाबा सिद्दीकी पर नजर रख रहे थे. मुंबई क्राइम ब्रांच की कई टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं.


यह भी पढ़िएः Baba Siddique: अपने पीछे कितने करोड़ की संपत्ति छोड़ गए बाबा सिद्दीकी, एक बार ED ने भी सैकड़ों करोड़ की संपत्ति की थी जब्त


Zee Hindustan News App: देश-दुनिया, बॉलीवुड, बिज़नेस, ज्योतिष, धर्म-कर्म, खेल और गैजेट्स की दुनिया की सभी खबरें अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें ज़ी हिंदुस्तान न्यूज़ ऐप.