लखनऊ: उत्तरप्रदेश के इटावा में एक भीषण सड़क हादसा हुआ है. विपक्ष के नेताओं को मजदूरों और किसानों की तकलीफें नहीं दिख रहीं लेकिन वे अपनी सियासत चमकाने की कोशिश में जुटे रहते हैं. बेबस मजदूरों को घर भेजने के नाम पर कांग्रेस लगातार उनके साथ छल कर रही है. कोरोना काल में हो रही निम्न सियासत के शिकार मजदूर और किसान हो रहे हैं. इटावा में कुछ किसान पिकअप में सवार होकर अपने खेत की उपज बेचने जा रहे थे कि रास्ते में ही उन्हें मौत मिल गयी.


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6 किसानों की सड़क हादसे में मौत


इटावा में मंगलवार देर रात ट्रक और पिकअप की भिड़ंत हो गई. नेशनल हाइवे पर हुए इस हादसे में सब्जी बेचने जा रहे 6 किसानों की दर्दनाक मौत हो गई है. कई सब्जी किसानों के घायल होने की भी खबर है. मौके पर प्रशासन के आला-अधिकारी पहुंच गए हैं और घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है.


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2 लाख रुपये का मुआवजा देगी योगी सरकार



 


उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इटावा हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने इस हादसे में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं. यूपी सरकार ने मृतकों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दिये जाने के निर्देश भी दिए हैं.


पिकअप का मालिक है सपा का नेता


आपको बता दें कि मरने वालों में पिकअप मालिक भी शामिल है, जो चला रहा था. बताया जा रहा है कि पिकअप मालिक राजेश यादव समाजवादी पार्टी का नेता था. मृतकों में राजू पोरबाल, जगदीश कुशवाहा, जागेश्वर कुशवाहा, महेश कुशवाहा, बृजेश कुशवाहा और राजेश यादव शामिल हैं.


महत्वपूर्ण खबर ये है कि समाजवादी पार्टी ने इटावा की घटना पर दुख प्रकट करते हुए मृतक किसानों के परिवारों 1-1 लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान करने की घोषणा करते हुए सरकार से पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की अपील की. इसमें भी समाजवादी पार्टी सियासत कर रही है.