नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद एक और बड़ी घटना लखनऊ में हुई है. राजधानी लखनऊ में अपराधी संजीव माहेश्वरी जीवा की हत्या कोर्ट परिसर में गोली मारकर कर दी गई है. हमलावर वकील की वर्दी में आए थे. इस घटना से लखनऊ से लेकर सोशल मीडिया तक पर सनसनी मच गई है. 


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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस मसले पर कहा है कि जो भी इसमें शामिल होगा, पुलिस सख्त एक्शन लेगी. दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक मामले में तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय SIT का गठन कर दिया गया है. इस टीम में एडीजी टेक्निकल मोहित अग्रवाल, जाइंट पुलिस कमिश्नर नीलब्ज चौधरी और अयोध्या के आईजी प्रवीण कुमार शामिल हैं. 



फॉरेंसिक विभाग की टीम ने सिविल कोर्ट परिसर में पहुंच कर जांच शुरू कर दी है. वहीं डीसीपी लखनऊ राहुल राज ने बताया कि घटना में दो सिपाही भी घायल हुए हैं जो इस वक्त खतरे से बाहर हैं. 



कोर्ट परिसर के भीतर गोलीबारी की घटना के बाद आक्रोशित वकीलों ने भी प्रदर्शन किया. वकील कोर्ट परिसर के भीतर हुई ऐसी घटना पर सुरक्षा कारणों से चिंतित थे और विरोध प्रदर्शन किया. 



वहीं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा- क्या यह लोकतंत्र है? सवाल यह नहीं है कि किसकी हत्या हुई है बल्कि सवाल यह है कि हत्या ऐसी जगह हुई जहां पर सबसे ज्यादा सुरक्षा व्यवस्था होती है.  


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