नई दिल्ली: राष्ट्रमंडल खेलों में पहला स्वर्ण पदक जीतने की कवायद में जुटी भारतीय पुरुष हॉकी टीम रविवार को यहां घाना की कमजोर टीम के खिलाफ पूल बी के अपने पहले मैच में जीत के साथ अपने अभियान का शानदार आगाज करने के इरादे से उतरेगी. 


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ऑस्ट्रेलिया का विजय रथ थामने की चुनौती


टोक्यो ओलंपिक में 41 साल बाद कांस्य पदक जीतकर आत्मविश्वास से भरी मनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम ने इन खेलों में आस्ट्रेलिया के खिताबी अभियान को रोकने की उम्मीद जगाई है. इन खेलों की पुरुष हॉकी स्पर्धा में आस्ट्रेलिया का दबदबा रहा है और दुनिया की नंबर एक टीम ने अब तक सभी छह टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीते हैं. गोल्ड कोस्ट में पिछले टूर्नामेंट में पदक जीतने में नाकाम रही भारतीय टीम इस बार सफलता हासिल करने को बेताब होगी. 


पुरुष हॉकी की गोल्ड पर नजरें


मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारतीय टीम स्वर्ण पदक की दावेदार है. इन खेलों में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 में स्वदेश (नयी दिल्ली) और 2014 में ग्लास्गो में रजत पदक जीतना रहा है. भारतीय टीम 1998 में हॉकी के इन खेलों में पदार्पण के दौरान और फिर 2018 में गोल्ड कोस्ट में चौथे स्थान पर रही. आस्ट्रेलिया के कोच ग्राहम रीड के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने काफी सुधार किया है. राष्ट्रमंडल खेलों में हॉकी में प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है. आस्ट्रेलिया के अलावा भारत को अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान और कनाडा जैसी टीम की चुनौती से भी पार पाना होगा. 


घाना के खिलाफ अभियान शुरू करेगी टीम इंडिया


भारतीय टीम 1975 पुरुष हॉकी विश्व कप के बाद पहली बार घाना से भिड़ेगी. तब भारत ने 7-0 से जीत दर्ज की थी. रीड ने कहा कि उनकी टीम को हालात से सामंजस्य बैठाने में थोड़ी मुश्किल हुई. उन्होंने कहा, ‘‘यहां आश्चर्यजनक रूप से ठंड है. प्रत्येक दिन हम हैरान हो जाते हैं और सवाल करते रहते हैं कि क्या गर्मियां आने वाली हैं. अब सभी ने सामंजस्य बैठा लिया है. शुरू में हम सभी खेल गांव में चीजों के आदी हो रहे थे ताकि जब मैच शुरू हों तो लोग हालात से परिचित और सहज हों.’’ 


300वां मैच खलेंगे कप्तान मनप्रीत सिंह


भारतीय कप्तान मनप्रीत सिंह ने कहा कि खेलों में लक्ष्य हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण है कि किसी भी विरोधी को कमतर नहीं आंका जाए. मनप्रीत ने कहा, ‘‘इस बार राष्ट्रमंडल खेल 2022 में हमारा फलसफा ‘जूम आउट और जूम इन’ करना है. हमारे कोच ने हमें जूम आउट करने और कल्पना करने के लिए कहा है कि हमें क्या हासिल करना है. हम पदक जीतना चाहते हैं लेकिन हम इस लक्ष्य को कैसे हासिल कर सकते हैं?’’


रविवार को अपना 300वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने की तैयारी कर रहे मनप्रीत ने कहा, ‘‘हमें सबसे पहले किसी भी टीम को कम नहीं आंकना है. दूसरा हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम मैच दर मैच अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करें और अपनी रणनीति पर ध्यान दें.’’ घाना के बाद भारत सोमवार को मेजबान इंग्लैंड से भिड़ेगा. टीम को इसके बाद कनाडा (तीन अगस्त) और वेल्स (चार अगस्त) से खेलना है. 


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