Turkey Latest Update: 40 हजार से अधिक लोगों की जिंदगी ले चुका तुर्की-सीरिया का भूकंप हर किसी के दिमाग से निकल नहीं पा रहा है. वहीं, भूकंप से हुई इस तबाही का सामना कर रहे तुर्की-सीरिया में भारत की सेना और NDRF राहत और बचाव कार्य में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. 


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इस बीच भारत की ओर से तुर्की में भूकंप पीड़ितों के लिए मदद भेजी गई. इस मिशन को  ‘ऑपरेशन दोस्त’नाम दिया गया. भारत के तरफ से कई टन राहत सामग्री भी भेजी जा रही है. वहीं, मेडिकल इक्विपमेंट्स समेत NDRF का दस्ता , साथ में चार रेस्क्यू डॉग्स. इसके साथ ही भारतीय सेना के बचाव दस्ते से 99 लोगों की टीम भी भेजी गई है. वहीं, इसी दस्ते में उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के रहने वाले हवलदार राहुल चौधरी भी शामिल हैं. जिन्होंने अपने देश के प्रति प्यार से हर किसी का दिल जीत लिया है. 


एक मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, राहुल चौधरी ने बताया कि उनकी पत्नी गर्भवती थीं जब उन्हें तुर्की जाने का आदेश मिला. वो और उनका परिवार बच्चे का इस दुनिया में आने का इंतजार कर रहे थे. लेकिन तुर्की मिशन के चलते उन्हें पत्नी और परिवार को छोड़कर जाना पड़ा. राहुल ने आगे बताया कि, 'मैं सीधे अपने सीनियर्स के पास गया और उन्हें अपनी पत्नी की सर्जरी के बारे में बताया. मेरी पत्नी की सर्जरी 8 फरवरी को होनी थी. अधिकारियों ने कहा कि मैं अपनी पत्नी से एकबार बात कर लूं.'


इसके बाद मैंने जब अपनी पत्नी से बात की तो, उसने कहा मुझे अपनी टीम के साथ तुर्की जाना चाहिए और देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए. पत्नी ने कहा कि मुझे सबसे पहले देश सेवा करनी चाहिए. इस बीच राहुल को फ्लाइट में बैठते वक्त ही उन्हें पत्नी को ऑपरेशन थियेटर ले जाए जाने की खबर मिली, जब तुर्की पहुंचे तो पता चला उन्हें बेटा हुआ है. राहुल का कहना है कि ये खुशखबरी मिलने के बाद उनकी टीम ने उन्हें जमकर बधाई दी और इतना ही नहीं कहा कि उनके बेटे का नाम तुर्की चौधरी रखना चाहिए.


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