चंडीगढ़- ये पृथ्वी इंसान को दी हुई ईश्वर की सबसे बड़ी देन है. लेकिन इंसान का स्वभाव ही ऐसा है कि उसे चीजों की कदर तभी होती है जब वो उसे खो देता है. इंसान की गलतियों का खामियाजा पृथ्वी को भुगतना पड़ता है. 


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प्रदुषण से पृथ्वी को बचाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का चलन शुरू किया गया . विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर पूरी दुनिया में पर्यावरण को बचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाता है. इसीलिए हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है.


विश्व पर्यावरण दिवस की शुरूआत 
50 साल पहले स्टॉकहोम, स्वीडन में  मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन आयोजित किया गया था. उस सम्मेलन में विश्व पर्यावरण दिवस के विचार को औपचारिक रूप दिया गया था. जिसे पहली बार 1973 में आयोजित किया गया था. तब से 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की शुरूआत हुई थी. 


क्यों मनाया जाता है पर्यावरण दिवस
विश्व पर्यावरण दिवस पृथ्वी पर मानवता के प्रभाव के बारे में बढ़ती चिंता के कारण अस्तित्व में आया था. राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) इस उत्सव के पीछे प्राथमिक एजेंसी है. पर्यावरण के मुद्दों के बारे में आम लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए ये दिवस मनाया जाता है .पर्यावरण दिवस सामूहिक कार्रवाई के लिए एक मंच प्रदान करता है. यह परिवर्तन को प्रभावित करने के लिए आवाजों को बढ़ाने और प्रतिभागियों की एजेंसी को मजबूत करने में भी मदद करता है. 


इस वर्ष की थीम
इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम 'केवल एक पृथ्वी' है. साथ ही इस वर्ष विश्व का पर्यावरण दिवस सम्मेलन स्वीडन में आयोजित किया गया है.