Jordan warns Israel: गाजा में हिंसा जारी है. रमजान के पाक महीने में भी इसराइली फौज गाजा में बेतहाशा हमले कर रही है. इस बीच इसराइल को जॉर्डन ने चेतावनी दी है कि रमजान के दौरान इसराइल के कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम में अल-अक्सा मस्जिद परिसर में नमाजियों की पहुंच पर इसराइल के जरिए लगाए गए बैन हालात को "विस्फोट" की तरफ धकेल रहे हैं.


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सीजफायर की मांग
वहीं, यूएनआरडब्ल्यूए का कहना है कि रमज़ान शुरू होते ही "गाजा में हर जगह भूखमरी है" और पवित्र महीने के दौरान "तत्काल सीजफायर" का आह्वान दोहराया गया है.


अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी चेतावनी
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपित जो बाइडेन ने इसराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना की है. उन्होंने इंटरव्यू के दौरान कहा कि जिस तरह से गाजा पट्टी में आम लोगों की जान जा रही है, वो इसराइल के लिए अच्छा नहीं है. उन्होंने आगे कहा, "गाजा में युद्ध के लिए बेंजामिन नेतन्याहू का नजरिया इसराइल की मदद करने से ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है. इसराइल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है. हमास के खात्मे का भी अधिकार है, लेकिन उन्हें बेगुनाह फिलिस्तीनियों की जिंदगी पर भी ध्यान देना चाहिए."


अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, "एक रेड लाइन होनी चाहिए. ऐसे ही 30 हजार लोगों की जान नहीं ली जा सकती. गाजा के रफाह में करीब 13 लाख फिलिस्तीनियों ने शरण ली है, इसराइल के लिए इस इलाके पर हमला रेड लाइन है. नेतन्याहू को तत्काल फिलिस्तीनियों पर हमले बंद करना चाहिए."


लोग हो रहे हैं भूखमरी का शिकार
वाजेह हो की हमास ने बीते साल 7 अक्टूबर को इसराइल पर हमला किया था. जिसमें 1200 लोगों की मौत हो गई थी. जिसके बाद इसराइल ने गाजा पर पर हमला कर दिया. इस हमले में 31 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. जिसमें सबसे ज्यादा बच्चे और महिलाओं की मौत हुई है. गाजा में जारी हिंसा से वहां मानवीय संकट पैदा हो गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा में लोग भूखमरी के शिकार हो रहे हैं.