Iran and Paksitan: एयरस्ट्राइक के बाद अब ईरान और पाकिस्तान साथ आने लगे हैं. दोनों देशों ने कहा है कि वह अपने डिप्लोमेटिक रिश्तों को बनाए रखेंगे. उन्होंने सोमवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि दोनों इस्लामी गणराज्य 26 जनवरी को वापस बुलाए गए राजदूतों को वापस बुलाएंगे, ईरानी विदेश मंत्री होसैन अमीराबदोल्लाहियन तीन दिन बाद अपने पड़ोसी मुल्क से मिलने जाएंगे. 


एयरस्ट्राइक के बाद किया गया ऐलान


COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

यह ऐलान पिछले हफ्ते एक-दूसरे के बॉर्डर इलाकों पर मिसाइल हमलों के बाद रिश्तों को फिर से बनाने की कोशिशों का संकेत देती है, जिससे संबंधों में गिरावट आई और तनाव बढ़ गया था. बता दें हाल ही में ईरान ने पाकिस्तान के बॉर्डर इलाके में एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें 2 लोगों की जान गई थी. इसके बाद पाकिस्तान ने ईरान के बॉर्डर पर हवाई हमला किया था और आतंकियों को मारने का दावा किया था.


ईरान ने किया था पाकिस्तान पर हमला


ईरान के शक्तिशाली इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने मंगलवार देर रात पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के पंजगुर शहर में जैश अल-अदल सशस्त्र समूह के ठिकानों पर हमला किया था. पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गुरुवार तड़के ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में सशस्त्र बलूच अलगाववादियों के ठिकानों पर बमबारी की थी. दोनों इलाके अशांत, खनिज समृद्ध और बड़े पैमाने पर अविकसित हैं. हमलों की वजह से इस्लामाबाद और तेहरान के बीच राजनयिक संबंधों में तेजी से गिरावट देखी गई थी. राजदूतों को वापस बुला लिया गया था. 


संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों देशों से "तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए अधिकतम संयम बरतने" की गुजारिश की है. दोनों देशों ने हालात को शांत करने के लिए तेजी से कदम उठाया है. बयान में कहा गया, "पाकिस्तान और इस्लामिक गणराज्य ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच टेलीफोन पर बातचीत के बाद, यह पारस्परिक सहमति बनी है कि दोनों देशों के राजदूत 26 जनवरी, 2024 तक अपने संबंधित पदों पर लौट सकते हैं."