Hijab Controversy: ईरान में पिछले साल सितंबर में ठीक से हिजाब नहीं पहनने की वजह से महसा अमीनी नाम की लड़की की मौत हो गई थी. उसके एक साल बाद ईरान के अधिकारी ऐसा कानून बना रहे हैं कि अगर यहां कोई भी हिजाब नहीं पहनेगा तो उसे जेल भी जाना पड़ेगा. जानकारों को डर है कि कानून में सजा के सख्त प्रावधान किए जाएंगे. 


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हिजाब न पहनने पर जेल


ईरान में हिजाब को लेकर जो नया मसौदा तैयार किया जा रहा है, उसमें हिजाब नहीं पहनने वाली औरतों को लंबी जेल, कानून को न मानने वाली मशहूर हस्तियों के लिए सजा और उल्लंघन करने वाली औरतों को पहचानने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा.


जल्द तैयार होगा हिजाब कानू


CNN की रिपोर्ट के मुताबिक हिजाब विधेयक, जो अभी तक पारित नहीं हुआ है, ईरानियों को एक चेतावनी है कि पिछले साल देश में भारी विरोध के बावजूद शासन हिजाब पर अपने रुख से पीछे नहीं हटेगा. विधेयक को इस साल की शुरुआत में न्यायपालिका की तरफ से विचार के लिए सरकार के पास प्रस्तुत किया गया था, फिर संसद में भेजा गया और बाद में कानूनी और न्यायिक आयोग की तरफ से अनुमोदित किया गया. अब इसे संसद के पटल पर पेश करने से पहले इस रविवार को गवर्नर्स बोर्ड को प्रस्तुत किया जाएगा. ईरान की संसद "अगले दो महीनों में" विधेयक के पाठ को अंतिम रूप देने और उस पर मतदान करने पर काम करेगी. 


क्या है पूरा मामला?


ख्याल रहे कि 22 साल की महसा अमीनी को मोरैलिटी पुलिस ने पिछले साल सितंबर में इसलिए हिरासत में लिय था कि उन्होंने ठीक से हिजाब नहीं पहना था. इसके बाद पुलिस हिरासत मे उनकी मौत हो गई थी. लोगों का इल्जाम था कि पुलिस यातना की वजह से महसा की मौत हुई है. जबकि पुलिस का कहना था कि महसा की मौत यातना की वजह से नहीं बल्कि दिल का दौरा पड़ने से हुई है.


इसके बाद पूरे ईरान में बड़े पैमाने पर हिजाब के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुए. कई सेलेब्रेटी ने हिजाब के विरोध में अपने बाल काटे. इसके बाद लोगों को अंदाजा था कि सरकार हिजाब को लेकर नर्म रुख अपनाएगी. विरोध प्रदर्शन के दौरान मोरैलिटी पुलिस भी सड़कों पर नहीं आई. लेकिन हाल ही में ईरान प्रसाशन ने बताया कि अब मोरैलिटी पुलिस सड़कों पर उतरेगी.