Gehlot and Chandrashekhar Resign: राजस्थान विधानसभा चुनाव में काँग्रेस की हार के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल कलराज मिश्र को अपना इस्तीफा सौंप दिया. राज्यपाल ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया और उनसे नई सरकार के गठन तक काम करते रहने का आग्रह किया. नतीजे आने के बाद गहलोत ने कांग्रेस वॉर रूम में बैठकर पर्यवेक्षक भूपेन्द्र हुडडा और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की. इस्तीफा देने से पहले गहलोत ने कांग्रेस वॉर रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. 


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गहलो ने मानी हार
उन्होंने हार स्वीकार करते हुए नई सरकार को बधाई दी और सोशल मीडिया पर भी बयान जारी किया. बयान में गहलोत ने कहा, "हम विनम्रतापूर्वक जनादेश को स्वीकार करते हैं. यह सभी के लिए अप्रत्याशित परिणाम है. यह हार बताती है कि हम अपनी योजनाओं, कानूनों और नवाचारों को जनता तक ले जाने में पूरी तरह सफल नहीं हुए. मैं नई सरकार को शुभकामनाएं देता हूं."


परियोजनाओं पर काम करे सरकार
उन्होंने कहा, "नई सरकार को मेरी सलाह है कि कड़ी मेहनत करने के बावजूद हम सफल नहीं हुए. इसका मतलब यह नहीं कि सत्ता में आने के बाद उन्हें काम नहीं करना चाहिए. ओपीएस, चिरंजीवी सहित सभी योजनाओं और इन पांच वर्षों में हमने राजस्थान में विकास की जो गति तय की है, उसे बरकरार रखा जाना चाहिए और आगे बढ़ाया जाना चाहिए."


केसीआर ने दिया इस्तीफा
उधर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने 119 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस द्वारा बहुमत सीटें जीतने के बाद रविवार को राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को अपना इस्तीफा भेज दिया. जब साफ हो गया कि भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) सत्ता बरकरार नहीं रखेगी, केसीआर ने एक अधिकारी के माध्यम से राजभवन को अपना इस्तीफा भेज दिया. उम्मीद थी कि केसीआर अपना इस्तीफा सौंपने राजभवन खुद जाएंगे. वह निजी कार में चुपचाप मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास प्रगति भवन से निकल गए, लेकिन राजभवन नहीं पहुंचे. बाद में पता चला कि उन्होंने अपना इस्तीफा एक अधिकारी के माध्यम से भेजा है.