Gorakhpur News: गोरखपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े लोगों ने दीन दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी (Pandit Deen Dayal Upadhyay University) के वीसी और रजिस्ट्रार की जमकर पिटाई कर दी. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले को संभाला. बताया जा रहा है कि ये विवाद यूनिवर्सिटी में कथित अनियमितताओं के कारण हुआ है.


क्या है पूरा मामला


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ये मामला शुक्रवार शाम का है. एबीवीपी एक्टिविस्ट ने वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को दौड़ाया और उन्हें पीटा. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस विवाद में वीसी के चैंबर को भी तोड़ दिया गया है. पुलिस को हालात कंट्रोल करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा.  इस हंगामे में कुलपति राजेश सिंह और कार्यवाहक रजिस्ट्रार अजय सिंह, एबीवीपी के तीन-चार सदस्य और कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एबीवीपी के 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है.



क्यों हुआ विवाद?


एबीवीपी कार्यकर्ता विश्वविद्यालय में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. ऐसे में विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों ने मिलने से इंकार कर दिया. इसके बाद इस हिंसा ने जन्म लिया और एबीवीपी से जुड़े लोगों ने वीसी और रजिस्ट्रार की पिटाई कर दी. स्टूडेंट यूनियन के अनुसार कुलपति के आश्वासन के बावजूद विश्वविद्यालय ने अभी तक समस्याओं का समाधान नहीं किया है, 13 जुलाई को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया था. जिसके बाद वीसी ने समस्या को सुना था और उसे हल करने को कहा था.


लेकिन इसके बाद डीन सत्यापाल सिंह ने एक ऑर्डर पास किया जिसमें दंगा करने वाले चार एबीवीपी  मेंबर्स को सस्पेंड करने की बात कही गई थी. इस ऑर्डर के खिलाफ जब स्टूडेंट वीसी से बातचीत करने पहुंचे तो उन्होंने बात करने से इंकार कर दिया.