The Ministry of Commerce and Industry New Advisory: बच्चों की ग्रोथ बढ़ाने का दावा करने वाले बॉर्नविटा जैसे तमाम हेल्‍थ ड्रिंक्स मार्किट और E-कॉमर्स वेबसाइट्स पर मुहय्या हैं. लेकिन, क्या आप इस बात से परिचित हैं कि, ऐसे हेल्थ ड्रिंक्स वाकई में आपके बच्चों के लिए सेहत से भरपूर हैं या नहीं? अब, इस मामले में भारत सरकार ने हेल्थ ड्रिंक्स के नाम पर बेवरेज बेचने को लेकर ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है. दरअसल, बाजार में अब बॉर्नविटा जैसे तमाम ड्रिंक्स ई-कॉमर्स साइट पर हेल्थ ड्रिंक्स के नाम से नहीं बेचे जा सकेंगे. हेल्थ ड्रिंक्स पर उद्योग मंत्रालय (Ministry of Industry) ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को एक एडवाइजरी जारी की है.


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सभी बेवरेज को 'हेल्थ ड्रिंक्स कैटेगरी' से हटाने के आदेश
इस एडवाइजरी में बताया गया है कि, बॉर्नविटा और दूसरे पेय पदार्थ को हेल्थ ड्रिंक्स की श्रेणी में नहीं रखते हुए इससे परहेज किया जाए. कमर्शियल और उद्योग मंत्रालय ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को वेबसाइट से बॉर्नविटा समेत सभी बेवरेज को 'हेल्थ ड्रिंक्स कैटेगरी' से हटाने को कहा है. एडवाइजरी में बताया गया है कि, डिपार्टमेंट के नोटिस में आया है कि, बॉर्नविटा समेत कुछ बेवरेज को ई-कॉमर्स साइटों और प्लेटफार्म्स पर 'हेल्थ ड्रिंक' के तौर में वर्गीकृत किया गया है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने अपनी जांच के बाद पाया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स कानून के तहत 'हेल्थ ड्रिंक्स' की कोई परिभाषा नहीं है.


NCPCR ने लिखा खत
इसलिए इस बात को ध्यान में रखते हुए ई-कॉमर्स कंपनियों और वेबसाइट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्लेटफॉर्म्स से बॉर्नविटा समेत बेवरेज को 'हेल्थ ड्रिंक्स' की कैटेगरी से हटा दें. बता दें कि, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने खत लिखकर बॉर्नविटा जैसे तमाम हेल्‍थ ड्रिंक्स और पेय पदार्थों को बच्चों की हेल्थ के लिए नुकसानदेह बताया था. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जांच रिपोर्ट आने के बाद डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (डीपीआईआईटी) ने चिट्ठी लिखकर एडवाइजरी जारी की है.