नई दिल्लीः यूट्यूब स्टार और इंडियन आइडल 2021 की प्रतिभागी सिंगर फरमानी नाज को ’हर-हर शंभू’ भजन गाने के लिए धार्मिक नेताओं की आलोचनाओं का समाना करना पड़ रहा है. देवबंद के मुफ्ती असद कासिम ने फरमानी नाज के इस भजन को लेकर सवाल उठाएं हैं, और उसे तौबा कर अल्लाह से माफी मांगने की सलाह दी है. इस वजह से सिंगर फरमानी नाज सुर्खियों में आ गई हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि फरमानी नाज कौन हैं और आज में इस मुकाम तक कैसे पहुंची हैं? हम आपको फरमानी नाज की जिंदगी और उनके संघर्षों की पूरी कहानी यहां बताएंगे. 

COMMERCIAL BREAK
SCROLL TO CONTINUE READING

फरमानी नाज का परिवार 
फरमानी नाज उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरपुर नगर जिले के खतौली विधानसभा क्षेत्र के एक गांव मोहम्मदपुर माफी गांव की निवासी हैं. उनके परिवार में उनके पिता मोहम्मद आरिफ, मां फातिमा, भाई फरमान और फरमानी नाज का एक छोटा बेटा मोहम्मद अर्श सभी साथ रहते हैं. हालांकि फरमानी नाज के माता-पिता इस वक्त हयात से हैं या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. 

फरमानी नाज का व्यक्तिगत जीवन 
लगभग 4 साल पहले फरमानी नाज की शादी मेरठ के एक लड़के से हुई थी. साल भर बाद फरमानी नाज ने बेटे मोहम्मद अर्श को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद ही फरमानी नाज की जिंदगी में दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा. पैदा होने के साथ ही फरमानी नाज का बेटा बीमारी पड़ गया, जब उसे डॉक्टर को दिखाया गया तो डॉक्टर ने उसके दिन में छेद होना बताया. इसके इलाज के लिए डॉक्टर ने 2.5 से 3 लाख रुपये का खर्च बताया था. इसके बाद उसके पति और ससुराल वालों ने फरमानी नाज को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, और अंत में एक दिन घर से निकाल दिया. फरमानी नाज वापस अपने पिता और भाई के घर मुजफ्फरनगर आ गईं. इस बीच पति ने दूसरी शादी कर ली और फरमानी नाज को उसने त्याग दिया. 

फरमानी नाज के संघर्ष के दिन और गायकी में एंट्री 
फरमानी नाज अपने मायके में मजदूरी कर अपना और अपने बेटे की जिंदगी गुजारने लगी. फरमानी नाज को बचपन से गाने का शौक था, तो वह अक्सर काम करते हुए गाने गुनगुनाया करती थी. बताया जाता है कि उसी इलाके में आशु बच्चन नाम के एक तबला वादक हैं, जो गांव के छोटे-मोटे कलाकारों की गीत पर संगीत दिया करते हैं और उसे गीत गाने का मौका देते हैं. गांव में एक दिन जब आशु बच्चन की टोली आई तो किसी ने उन्हें फरमानी नाज के बारे में बताया. आशु बच्चन जब फरमानी नाज से मिले तो उनका गाना सुनकर वह मंत्रमुग्द्ध हो गए और फिर फरमानी नाज गाना गाने लगी और आशु बच्चन की टोली उसपर धुन देनी लगी. इस तरह आशु बच्चन फरमानी नाज के गुरु और मेंटर बन गए.

यूट्यूब पर 35 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर 
फरमानी नाज के गानों को उनके गुरु आशु बच्चन अपने यूट्यूब चैनल पर अपलोड करने लगे, जिससे फरमानी नाज सोशल मीडिया की एक प्रसिद्ध कलाकार बन गईं. बाद में फरमानी नाज ने खुद का यूटयूब चैनल बना लिया, जिसके आज 35 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं. फरमानी नाज की मकबूलियत में तब और इजाफा हो गया, जिब उन्हें 2021 के इंडियन आइडल में एंट्री मिल गई. वहां उनके गानों की पेशकश के बाद वह रातों-रात स्टार बन गई और उनके कद्रदानों की संख्या लाखों से करोड़ों में पहुंच गई. 

फरमानी ने खोला है अपना म्यूजिक स्टूडियो
कहा जाता है कि फरमानी नाज के मेंटर आशु बच्चन ने उन्हें आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ा. वह उनके करिअर के लिए हमेशा उन्हें बड़े-बड़े कलाकरों से मिलाते रहे और उनसे ब्रेक देने की अपील करते रहे हैं. फरमानी नाज ने बॉलीवुड के मशहूर प्लेबैक सिंगर कुमार शानू के साथ भी एक गाना गाया है. फरमानी नाज अब प्रोग्राम भी करती हैं. खतौली में उन्होंने बकायदा ’नाज म्यूजिक स्टूडियोज’ के नाम से अपना एक स्टूडियो भी खोल लिया है. अब वह अपने लाइव प्रोग्राम और यूट्यूब चैनल से अच्छी कमाई भी कर रही हैं.

लता और नेहा कक्कड़ की फैन हैं फरमानी 
फरमानी नाज कहती हैं, "गाने का शौक उन्हें बचपन से था. स्कूल में अक्सर वह गाना गाया करती थी, लेकिन इस्लाम में गाना गाने को प्रोत्साहित नहीं किया जाता है, इस वजह से उन्हें अपने इस शौक को मारना पड़ा.’’ फिर स्कूल के बाद ही उनकी शादी कर दी गई. लेकिन वक्त और हालात ने जब उनसे मुंह मोड़ लिया, तो उन्होंने अपने पुराने शौक को फिर से जिंदा कर उसे अपनी आजीविका का साधन बना दिया. फरमानी नाज खुद को स्व. लता मंगेशकर और नेहा कक्कड़ की बड़ी फैन बताती हैं. उन्होंने उनके लगभग सभी गानों में अपनी लाइव पेशकश दी है. 
 


ऐसी ही दिलचस्प खबरों के लिए विजिट करें zeesalaam.in