Nasir-Junaid Murder Case Update: नासिर और जुनैद के कत्ल को तकरीबन 51 दिन बीत चुके हैं, लेकिन एक गिरफ्तारी के अलावा अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं. अब इस मामले में भरतपुर पुलिस बड़े कार्रवाई करती दिखाई दे रही है. कातिलों को पकड़ने के लिए पुलिस ने हरियाणा के गो रक्षकों में गिने जाने वाले कुछ बड़े नामों की निशानदही की है. पुलिस ने अपनी तफ्तीश में पाया है कि ये लोग मुल्जिमीन को बचा रहे हैं. पुलिस की ओर से इनको नोटिस जारी कर दिया गया है. वहीं आईजी गौरव श्रीवास्तव का इस मामले में अहम और बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा है कि नासिर -जुनैद को अगवा करके उन्हें मौत के घाट उतारने  वाले चिन्हित आरोपियों का हरियाणा गौरक्षा दल से कनेक्शन सामने आया है. 


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चार लोगों को नोटिस जारी:IG
पुलिस ने बताया कि छानबीन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल जिन चार लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें सबसे अहम नाम योगेंद्र आचार्य का है.योगेंद्र हरियाणा गोरक्षा दल का अध्यक्ष है. दूसरा बड़ा नाम गोरक्षा दल प्रदेश उपाध्यक्ष और मतलौडा गोशाला संचालक आजाद आचार्य का है. इनके अलावा नारायण आचार्य और दीपक आचार्य को भी नोटिस जारी किया गया है. इन चारों पर इल्ज़ाम है कि ये चिन्हित उन 8 आरोपियों को बचाने की कोशि कर रहे हैं, जो नासिर और जुनैद के अगवा और कत्ल में शामिल हैं. पुलिस ने सभी फरार 8 आरोपियों पर 5-5 हजार के ईनाम का ऐलान किया था, जिसे बाद में आईजी ने इनाम की रकम को बढ़ाकर 10-10 हजार कर दिया, लेकिन अभी तक पुलिस को कोई कामयाबी नहीं मिली है.



अगवा के बाद दोनों की हत्या
बता दें कि 15 फरवरी को गोपालगढ़ के पीरुका गांव से जुनैद और उसके भाई नासिर को बोलेरो समेत अगवा कर लिया गया था. जिसके बाद घरवालों ने गोपालगढ़ थाने में पांच नामजद मुल्जिमीन सहित आठ-दस के लोगों खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. हरियाणा के भिवानी के लोहारू इलाके में 16 फरवरी की सुबह गाड़ी में दोनों की जली हुई लाशें बरामद हुईं. भरतपुर पुलिस ने अगले दिन 17 फरवरी को नामजद आरोपियों में से एक गोरक्षक रिंकू को गिरफ्तार कर लिया था. वहीं इस मामले में सियासत भी देखी गई.


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