Republic Day 2024: भारत इस साल 26 जनवरी को अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इसी दिन यानी 26 जनवरी साल 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था. भारत संविधान में लिखे कानून के हिसाब से चलता है. एक और चीज है जिससे भारत की पहचान होती है. वह है भारत का झंडा. भारत के झंडे में तीन रंग हैं. इसमें एक चक्र भी है. आज इस खबर में हम आपको बताएंगे कि तिरंगे में तीन रंग का क्या मतलब है और इसमें बने चक्र का क्या मतलब है.


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देश का प्रतीक
हर देश का अपना अलग झंडा हैता है. यह झंडा देश का प्रतीक होता है. भारत का झंडा 22 जुलाई साल 1947 को अपनाया गया था. भारत के झंडे को 'तिरंगे' के नाम से भी जाना जाता है. भारत झंडे में तीन रंग हैं. सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीचे हरा. झंडे के बीच में सफेद पट्टी पर एक नीले रंग का चक्र बना है. भारत के झंडे की लंबाई और चौड़ाई का अनुपात 2 और 3 है.


रंगों का मतलब 
भारत के झंडे में सबसे ऊपर केसरिया रंग है. यह रंग ताकत, साहस और भारत का बलिदान दर्शाता है. झंडे में सफेद रंग शांति और सत्य का प्रतीक दर्शाता है. झंडे का जो सबसे नीचे हरा रंग है वह उर्वरता और भारत की हरियाली दर्शाता है.


चक्र का मतलब
भारत के झंडे में बने नीले चक्र को धर्म चक्र कहते हैं. इसे विधि का चक्र भी कहा जाता है. इस चक्र का व्‍यास लगभग सफेद पट्टी की चौड़ाई के बराबर होता है. इस चक्र में 24 तीलियां होती हैं. यह चक्र तीसरी शताब्दी ई.पू. में मौर्य सम्राट अशोक की तरफ से बनवाए गए सारनाथ मंदिर से लिया गया है. यह चक्र दर्शाता है कि जिंदगी गतिशील है और रुकने का मतलब है मर जाना.


हर कोई लगा सकता है झंडा
26 जनवरी साल 2002 को भारतीय ध्‍वज संहिता में संशोधन किया गया. संधोशन में यह बात लिखी गई कि कोई भी नागरिक अपने घरों, कार्यालयों और फैक्ट्री में राष्‍ट्रीय दिवसों पर झंडा फहरा सकता है. इसके अलावा यह भी कहा गया है कि कोई भी शख्स किसी भी दिन बिना किसी रुकावट के कभी भी झंडा फहरा सकता है.