काबुलः अफगानिस्तान में औरतों के जिम जाने पर बैन लगा दिया गया है. एक अफसर ने गुरुवार को यह जानकारी दी है. तालिबान के एक साल से ज्यादा वक्त पहले सत्ता संभालने के बाद से औरतों के हुकूक और उनकी आजादी पर नकेल कसने का यह तालिबान का बिलकुल नया फरमान है. तालिबान गुजिश्ता साल अगस्त 2021 में सत्ता पर काबिज हुआ था. उन्होंने मुल्क में मीडिल और हाई स्कूल जाने पर लड़कियों पर रोक लगा दी है. औरतों को रोजगार के ज्यादातर शोबे में बैन कर दिया गया है और उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर सिर से लेकर पैर तक बुर्के में ढके रहने का हुक्म दिया गया था.

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"इसलिए हमें महिलाओं के लिए पार्क और जिम बंद करने पड़े’’ 
मजहबी मामलों के मंत्रालय के एक तर्जुमान ने कहा कि बैन इसलिए लगाया जा रहा है, क्योंकि लोग सरकारी हुक्म की अनदेखी कर रहे थे और औरतों ने हिजाब पहनने के नियमों का पालन नहीं किया. महिलाओं के पार्क में जाने पर पहले से ही यहां पाबंदी लगी है. महिलाओं के जिम और पार्क में जाने पर प्रतिबंध इसी हफ्ते से लागू हो गया है. प्रवक्ता ने कहा, ‘‘लेकिन, बदकिस्मती से, आदेशों का पालन नहीं किया गया और नियमों की खिलाफवर्जी की गई, इसलिए हमें महिलाओं के लिए पार्क और जिम बंद करने पड़े.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ज्यादातर मौकों पर हमने मर्दो और औरतों, दोनों को एकसाथ कई पार्क में देखा है, और दुर्भाग्य से उन्होंने हिजाब नहीं पहन रखा था. इसलिए हमें एक और फैसला लेना पड़ा और हमने सभी पार्क और जिम को महिलाओं के लिए बंद करने का हुक्म दिया है.’’


महिलाओं के विरोध को रोकने के लिए तालिबान ने अफगान विश्वविद्यालयों पर कार्रवाई की
वहीं, दूसरी तरफ अफगानिस्तान की यूनिवर्सिटीज तालिबान के प्रतिरोध का केंद्र बन गए हैं, जहां महिला छात्रों ने महिलाओं पर आतंकवादी समूह के बैन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. इसके जवाब में, तालिबान ने मुल्कभर में कई विश्वविद्यालय परिसरों में तोड़फोड़ की, हिंसक रूप से प्रदर्शनों को तोड़ दिया और राजनीतिक सक्रियता के आरोपी छात्रों को निष्कासित कर दिया है. 
ताजा घटना में, तालिबान ने उन दर्जनों छात्राओं को पीटा, जिन्होंने 30 अक्टूबर को उनके यूनिवर्सिटीज के बाहर बदख्शां प्रांत में एक रैली का आयोजन किया था. अगस्त 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के हफ्तों बाद, तालिबान ने मुल्कभर के यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों में महिलाओं के लिए एक नया ड्रेस कोड लागू किया था.
 


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