Telanagan News: तेलंगाना में नई सरकार बनते ही सीएम रेवंत रेड्डी एक्शन में आ गए हैं. पद संभालने के तीन के भीतर ही सीएम ने एक अहम फैसला लेते हुए छह सरकार के सलाहकारों को बर्खास्त कर दिया.


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चीफ सेक्रेटरी  शांति कुमारी ( Shanti Kumari IAS )  ने एक सरकारी हु्क्म जारी कर तीन मुख्य सलाहकारों ( Chief Advisors ) और तीन सलाहकारों की नियुक्ति या विस्तार को अस्वीकृत कर दिया. सभी सलाहकारों की अपॉइंटमेंट के.चंद्रशेखर राव की अध्यक्षता वाली पिछली बीआरएस ( Bharath Rashtra Samithi ) सरकार द्वारा की गई थी.


 पिछली सरकार में अपॉइंट किए गए अफसरों में पूर्व मुख्य सचिव राजीव शर्मा और सोमेश कुमार, पूर्व डीजीपी अनुराग शर्मा, पूर्व आईपीएस अधिकारी ए.के. खान, रिटायर्ड आईईएस जी.आर. रेड्डी और सेवानिवृत्त आईएफएस आर. शोबा शामिल थे.


बर्खास्त अफसर इन पदों पर थे कार्यरत 
चीफ सेक्रेटरी के पद से रिटायर्ड होने के बाद राजीव शर्मा को 2016 में सरकार का मुख्य सलाहकार बनाया गया था. इस साल के अगस्त महीने में उन्हें एक्सटेंशन (विस्तार) दिया गया था. जबकि, सोमेश कुमार को मई में सीएम का मुख्य सलाहकार नियुक्त किया गया था. कोर्ट के हुक्म के बाद आंध्र प्रदेश में ट्रांसफर्ड होने के कुछ सप्ताह बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ( Voluntary Retirement ) ले ली थी.


हाई कोर्ट द्वारा राज्य में उनके आवंटन को कैंसिल करने के बाद सोमेश कुमार को तेलंगाना के मुख्य सचिव के पद से हटा दिया गया था. अगस्त में तत्कालीन BRS विधायक चेन्नामनेनी रमेश को 30 नवंबर के असेंबली इलेक्शन लड़ने के लिए टिकट से इनकार किए जाने के बाद उन्हें शांत करने के लिए मुख्य सलाहकार (कृषि) नियुक्त किया गया था.


पूर्व डीजीपी अनुराग शर्मा सलाहकार (पुलिस, कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण) के रूप में कार्यरत ( Workig ) रहे हैं. जबकि ए के. खान (A K Khan IPS ) को पिछले साल दिसंबर में अल्पसंख्यक कल्याण सलाहकार के रूप में विस्तार दिया गया था. वहीं, जी.आर. रेड्डी सलाहकार (वित्त) के रूप में कार्यरत थे जबकि शोबा सलाहकार (वन मामले) थीं.