Dayashankar Mishra

Digital Editor . डिप्रेशन और आत्‍महत्‍या के विरुद्ध भारत में अपनी तरह की पहली #Digital सीरीज #Dearजिंदगी के लेखक

डियर जिंदगी : कितना सुनते हैं!

डियर जिंदगी : कितना सुनते हैं!

हम एक दूसरे को कितना सुन रहे हैं! सुनना तो दूर हम अनसुना करने के नए ‘रिकॉर्ड’ बनाते जा रहे हैं. ऐसा क्‍या है, जो हमें सुनने से दूर करता है.

डियर जिंदगी : जब बच्‍चों के नंबर 'कम' आएं...

डियर जिंदगी : जब बच्‍चों के नंबर 'कम' आएं...

स्‍कूल में बच्‍चों पर तनाव बढ़ रहा है/ कम हो रहा है/ स्‍कूल बच्‍चों को उदारता सिखा रहे हैं/ वह बच्‍चों के रिजल्‍ट को 'सेल' करके नई फ्रेंचाइची बना रहे हैं!

डियर जिंदगी : बच्‍चों के निर्णय!

डियर जिंदगी : बच्‍चों के निर्णय!

‘आपका ध्‍यान कहीं और है!’ हम जयपुर के कॉफी शॉप में थे. कहने को हम चार लोग थे लेकिन वह न जाने कहां गायब हो गईं थीं, तो हम तीन ही बचे.

डियर जिंदगी : बच्चों के प्रति नजरिया…

डियर जिंदगी : बच्चों के प्रति नजरिया…

‘डियर जिंदगी’ की सुधि, सजग पाठक सुलक्षणा त्र‍िपाठी ने बच्‍चे के मन में क्‍या है…’ पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि जब हम युवा होते हैं तो अपने माता-पिता के प्रति हमारा नजरिया अक्‍सर ‘वह नहीं समझत

डियर जिंदगी : बच्‍चे के मन में क्‍या है…

डियर जिंदगी : बच्‍चे के मन में क्‍या है…

‘डियर जिंदगी’ में हम निरंतर ऐसे विषय उठा रहे हैं जो हमारे घर, आंगन और चाहरदीवारी में तनाव घोल रहे हैं.

डियर जिंदगी : ‘बलइयां’ कौन लेगा…

डियर जिंदगी : ‘बलइयां’ कौन लेगा…

अतीत के आंगन में थोड़ा उतरेंगे तो याद आएगा कि जब कभी हम गांव जाते, तो वहां हमारी दादी, नानी, बुजुर्गों की फौज हमारी बलइयां लेने को बेकरार रहती.

डियर जिंदगी : कोमल मन के द्वार…

डियर जिंदगी : कोमल मन के द्वार…

हम सब अपने-अपने हिस्‍से का संघर्ष करते हुए कई बार इतने कठोर होते जाते हैं कि हमारी कोमल भावनाओं के छिद्र, द्वार बंद हो जाते हैं.

डियर जिंदगी : 'अलग' हो जाइए, पर जिंदा रहिए...

डियर जिंदगी : 'अलग' हो जाइए, पर जिंदा रहिए...

वह 'डियर जिंदगी' की सजग पाठक नहीं हैं. हां, उन्‍हें पता है कि इसमें क्‍या बातें होती हैं.

डियर जिंदगी : ‘दुखी’ रहने का निर्णय!

डियर जिंदगी : ‘दुखी’ रहने का निर्णय!

बच्‍चे के जन्‍म के समय सबका ध्‍यान इस बात में रहता है कि ‘बच्‍चा, रोया कि नहीं.’ अगर किसी कारण से वह स्‍वाभाविक रूप से नहीं रो पाता, तो डॉक्‍टर उसे रुलाने की कोशिश करते हैं.

डियर जिंदगी : सत्‍य के प्रयोग- 2

डियर जिंदगी : सत्‍य के प्रयोग- 2

‘डियर जिंदगी’ के 'सत्‍य के प्रयोग-1' में आपने पढ़ा कि

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