Sarva Mangala Mishra

वादों और उम्मीदों की कसौटी पर कितने खरे उतरे अखिलेश?

वादों और उम्मीदों की कसौटी पर कितने खरे उतरे अखिलेश?

सत्ता विरासत में मिल तो सकती है पर, बुद्धिजीविता नहीं। सपा प्रमुख मुखिया मुलायम सिंह यादव ने विरासत के तौर पर जब अखिलेश को सत्ता देनी चाही पर, जनता ने नकार दिया था । वहीं दूसरी बार अखिलेश मीडिया और

आरक्षण: सम्मान या अपमान?

आरक्षण: सम्मान या अपमान?

स्वतंत्रता से पहले जब देश पराधीन था तब दासत्व के जीवन का बोध आसानी से हो जाता था। अंग्रेज 'डिवाइड एंड रुल' की नीति अपनाकर भारतवासियों पर 300 वर्ष तक शासन किये। उन्होंने जाति ,धर्म जैसी चीजों को बार

किसकी राह देख रहा बिहार?

किसकी राह देख रहा बिहार?

बिहार प्रारम्भ से ही क्रांति प्रदेश रहा है। संघर्ष के दौर का हर शुभारंभ बिहार की भूमि से होता आया है। परिवर्तन की चिनगारी यहीं से सुलगी है। इस माटी का रंग चाहे जो हो पर यहां से क्रांति की बुलंदी पर

हिन्दी की अमर गाथा

हिन्दी की अमर गाथा

बुलंदी का कारवां यूं बनता नहीं, शिखर का मुकद्दर यूं मिलता नहीं, सरज़मीं पर कदम जब बेबाक होंगे, ए लब्ज़ हम तुझ पे कुर्बान होंगे।

सरस बनारस

सरस बनारस

मैं अपना नाम नहीं बताउंगा। सिर्फ अपने बारे में बताउंगा और आप मुझे पहचान लेंगे। आजकल वैसे तो मेरा नाम हर जुबां पर है जिससे दिल बाग- बाग रहता है। मेरे कई नाम हैं कई पहचान है, कई खासियत है। विश्वप्रसि

सियासी दलों में अपना बनाने की होड़

सियासी दलों में अपना बनाने की होड़

आजकल अपने पराये होते जा रहे हैं और पराये अपने से लगते हैं क्योंकि कहीं न कहीं आज हर व्यक्ति स्वार्थ सिद्धि में लगा हुआ है। नेतागण जो सिर्फ चुनाव के दौरान झुग्गी- झोपड़ियों में गरीब, कंगाल लोगों को

कश्मीरी पंडित और घर वापसी

कश्मीरी पंडित और घर वापसी

अमीर खुसरो का कहा गया यह वाक्य आज भी उतना ही विश्व में जनमानस के पटल पर अंकित है जितना उस समय था। "अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है यहीं है "। कश्मीर वो नाम है जिसे धरती का स्वर्ग कहा जाता है।

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close