Bharat Mandapam: आखिर किसने बनाया भारत मंडपम? PM मोदी के इस 'ड्रीम प्रोजेक्ट' की दुनियाभर में धूम
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Bharat Mandapam: आखिर किसने बनाया भारत मंडपम? PM मोदी के इस 'ड्रीम प्रोजेक्ट' की दुनियाभर में धूम

PM Modi: वैसे तो जी20 का सफल आयोजन होते ही भारत ने इतिहास रच दिया और दुनियाभर के नेताओं ने भारतीय नेतृत्व की सराहना की है. लेकिन इस पूरे आयोजन का एक खास आकर्षण भारत मंडपम भी रहा है. आइए जानते हैं कि पीएम मोदी के इस ड्रीम प्रोजेक्ट कब, कैसे और किसने बनाया है. 

Bharat Mandapam: आखिर किसने बनाया भारत मंडपम? PM मोदी के इस 'ड्रीम प्रोजेक्ट' की दुनियाभर में धूम

Bharat Mandapam: भारत का सबसे बड़ा कन्वेंशन सेंटर बनकर तैयार हुआ भारत मंडपम में जी20 का सफल आयोजन हुआ. भारत मंडपम की खूबसूरती देखने लायक है. दिल्‍ली के प्रगति मैदान में बने भारत मंडपम का निर्माण काफी सोच समझकर किया गया है. यह अपनी खूबसूरती और जबरदस्त लुक को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार खबरों में बना है तो आइए जानते हैं इसे कैसे बनाया गया है.

बहुत ही वीआईपी तरीके से बनाया गया
दरअसल, जी20 के लिए भारत मंडपम पीएम मोदी का एक प्रकार से ड्रीम प्रोजेक्ट है. इसे आरकॉप एसोसिएट्स ने सिंगापुर की कंपनी एडास के साथ मिलकर तैयार किया है. आरकॉप एसोसिएट्स के डायरेक्टर संजय सिंह ने इसे बनाने में मुख्य भूमिका निभाई है. भारत मंडपम के अलग-अलग हिस्सों को बहुत ही वीआईपी तरीके से बनाया गया है. मसलन चेक गणराज्य से झूमर मंगाया गया था. असल में प्रगति मैदान को रीडेवलप करने की शुरुआत 2017 से हुई और इसी के तहत भारत मंडपम भी बनाया गया.

नेशनल प्रोजेक्‍ट के तहत निर्माण
खास बात है कि भारत मंडपम का काम नेशनल प्रोजेक्‍ट के तहत किया गया. इस पर 2700 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. अकेले भारत मंडपम के निर्माण पर 750 करोड़ रुपए खर्च किया गया है. यह करीब 123 एकड़ में फैला हुआ है. देश के सबसे बड़े कन्‍वेंशन सेंटर में 10,000 लोगों के बैठ सकने की क्षमता है. भारत मंडपम तीन फ्लोर में बना हुआ है. 

भारत की परंपराओं का प्रतीक
सबसे बेहतरीन बात यह रही कि इसे बहुत सुंदर ढंग से सजाया गया है. इसके हर कमरे और हर जगह पर भारतीय पारंपरिक विविधता, कला और बहुसंस्‍कृति की विरासत देखी जा सकती है. भारत मंडपम को कई टेक्नोलॉजी के साथ काफी भव्य बनाया गया है. भारत मंडपम भगवान बसवेश्वर की अनुभव मंडपम की अवधारणाओं से प्रेरणा लेता है. ये सार्वजनिक समारोहों के लिए एक बड़ा मंच बनाया गया है, जिसका डिजाइन भारत की विरासत और परंपराओं का प्रतीक है.

सुरक्षा व्‍यवस्था से लेकर पार्किंग तक
इसमें एक साथ 7 हजार लोग आराम से एक साथ बैठ सकते हैं. ये दुनिया के सबसे बड़े हॉल में से एक है और सिडनी (ऑस्‍ट्रेलिया) के ओपेरा हाउस से कहीं अधिक बड़ा है. भारत मंडपम में सुरक्षा व्‍यवस्था से लेकर पार्किंग तक का ध्‍यान रखा गया है. यहां अंडरग्राउंड पार्किंग में 4 हजार बड़े वाहन आराम से पार्क हो सकते हैं तो वहीं ग्राउंड पार्किंग में एक हजार वाहन आसानी से पार्क हो सकते हैं.

6000 मजदूरों ने मिलकर बनाया
भारत मंडपम में सबकुछ अत्‍यंत भव्‍य है. यहां भारत के प्रसिद्ध कलाकारों के हाथों से बने सुंदर कालीन बिछाए गए हैं. जी-20 के समिट वाले स्‍थल पर कश्‍मीर की कालीनें बिछाई गई हैं. जी-20 समिट के बाद भारत मंडपम को आम नागरिकों के लिए खोल दिया जाएगा. भारत मंडपम की दीवारों में ही नहीं बल्कि सभी भागों में भारत की पारंपरिक कला और संस्कृति को दर्शाया गया है. इसे 6000 मजदूरों ने मिलकर बनाया.

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