दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की जवानों की तैयारी, उनके आक्रामक तेवरों से संतुष्ट हूं: जेटली

पाकिस्तान के किसी भी दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर तैनात जवानों की ‘तैयारी’ और ‘आक्रामक तेवरों’ को रक्षा मंत्री अरूण जेटली ने आज संतोषजनक बताया. जेटली ने उत्तर कश्मीर में सेना के वरिष्ठ कमांडरों के साथ अग्रिम चौकी पर बैठक की और हिंसा से दो-चार हो रही घाटी में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: May 19, 2017, 08:24 PM IST
दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने की जवानों की तैयारी, उनके आक्रामक तेवरों से संतुष्ट हूं: जेटली
जेटली ने नियंत्रण रेखा पर स्थित अग्रिम चौकी पर वरिष्ठ कमांडरों और जवानों से मुलाकात की और सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया. (तस्वीर के लिए साभार- एएनआई)

श्रीनगर: पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार (19 मई) को कहा कि भारतीय बल सीमा पर किसी भी प्रकार के संघषर्विराम उल्लंघन का ‘‘समुचित उत्तर’’ देंगे. उन्होंने नियंत्रण रेखा का दौरा करने के बाद कहा कि भारतीय सेना किसी भी प्रकार की घुसपैठ के प्रयास को नाकाम करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने कहा कि जो लोग अंदर से हिंसा में मदद दे रहे है, ऐसे लोगों के साथ भी निपटा जाएगा.

जेटली ने कहा कि सेना द्वारा एक व्यक्ति को मानव कवच के रूप में जीप के आगे बांधे जाने की कथित घटना की जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि सेना का प्रयास मतदान करने आए लोगों और बड़ी संख्या में एकत्र प्रदर्शकारियों, दोनों तरह के लोगों का जीवन बचाने का था. उन्होंने कहा कि अभी प्राथमिकता, सामान्य स्थिति बहाल किए जाने पर है.

रक्षा मंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने एलओसी का दौरा किया. मैं भारतीय सेना की उनके उत्साह और तैयारियों के स्तर को लेकर तारीफ करूंगा. हमारे सैनिक पूरी तरह से आश्वस्त हैं कि वे किसी प्रकार की घुसपैठ की अनुमति नहीं देंगे.’’ रक्षा मंत्री के साथ ही वित्त मंत्रालय का जिम्मा भी संभाल रहे जेटली मीडियाकर्मियों से जीएसटी के तहत निर्धारत करों की दरों पर बात कर रहे थे. इसी दौरान जम्मू कश्मीर की स्थिति को लेकर उनसे एक सवाल किया गया. उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसी प्रकार का संघषर्विराम उल्लंघन होता है या कोई प्रयास होता है तो हमारे सैनिक उसका पर्याप्त जवाब देंगे.’’

जेटली ने कहा कि आतंकवाद का मकसद भारतीय राज्य, उसकी संप्रभुता और जम्मू कश्मीर के लोगों के खिलाफ है तथा सुरक्षा बलों के साथ साथ स्थानीय लोगों की भी जानें जा रही हैं. उन्होंने कहा, ‘‘और, इसलिए, जो लोग हिंसा को इस स्तर पर ले गए हैं, वे निश्चित पर से अपनी गतिविधियों के लिए जवाबदेह होंगे.’’ जेटली ने कहा कि यह ज्ञात है कि हुर्यित और अन्य आतंकवादी संगठनों का ‘‘सीमा पार से वित्तपोषण हो रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें अशांति पैदा करने के लिए पैसे दिए गए, उन्हें स्कूल जलाने के लिए पैसे दिए गए, उन्हें लोगों को मारने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए पैसे दिए गए. इसलिए उनकी गतिविधियां न सिर्फ भारत बल्कि कश्मीर घाटी के लोगों के खिलाफ भी साजिश है.’ उन्होंेने कहा कि लोगों की आकांक्षाएं पूरी करनी होंगी लेकिन वैसा तभी हो सकता है जब राज्य में शांति हो.

जेटली ने कहा, ‘‘आप राज्य की उर्जा को विभिन्न स्थानों पर हिंसा पर काबू के लिए नहीं लगा सकते. जो संसाधन राज्य के लोगों के विकास के लिए है, उसका उपयोग आज अनिवार्य रूप से सुरक्षा के लिए हो रहा है. हिंसा का वह दौर शुरू करने के लिए किसको दोष दिया जाए.’’ सेना द्वारा कथित रूप से एक शॉल बुनकर को नौ अप्रैल को जीप में बांधे जाने की घटना के बारे में जेटली ने कहा कि इस मामले की जांच हो रही है. उन्होंने कहा, ‘‘यह नहीं भूलना चाहिए कि सेना एक जिम्मेदार संस्था है और सेना वहां बड़ी संख्या में एकत्र प्रदर्शनकारियों के साथ साथ उन लोगों को भी बचाना चाहती थी जो चुनाव प्रक्रिया में शामिल थे.’’