JNU में तैयार किए जाएंगे ट्रेंड पंडित, संस्कृत को रोजगारपरक भाषा बनाने की कवायद

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हाल ही में खुले 'स्कूल ऑफ संस्कृत एंड इंडिक स्टडीज (SSIS)' पीजी डिप्लोमा इन कल्प वेदांग और पंडितों को ट्रेनिंग देने का कोर्स लांच करने जा रहा है.

JNU में तैयार किए जाएंगे ट्रेंड पंडित, संस्कृत को रोजगारपरक भाषा बनाने की कवायद
स्कूल ऑफ संस्कृत एंड इंडिक स्टडीज ने इन कोर्स का प्रस्ताव दिया है. (फाइल फोटो)
Play

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में हाल ही में खुले 'स्कूल ऑफ संस्कृत एंड इंडिक स्टडीज (SSIS)' पीजी डिप्लोमा इन कल्प वेदांग और पंडितों को ट्रेनिंग देने का कोर्स लांच करने जा रहा है. इसका मकसद संस्कृत भाषा को रोजगार योग्य विकल्प के रूप में पेश करने की है. इस कोर्स में हर धर्म, जाति और समुदाय के छात्र एडमिशन ले सकेंगे. जानकारी के मुताबिक 2019 से इन कोर्सों की शुरुआत हो जाएगी. न्यूज 18 के हवाले से कहा गया है कि SSIS के नव नियुक्त पहले डीन गिरिश नाथ झा ने कहा कि आने  वाले दिनों में JNU से ट्रेनिंग लेकर बाहर निकले पंडित देश और विदेश में पूजा-पाठ का काम करवाएं.

वास्तु शास्त्र में पीजी डिप्लोमा कोर्स का प्रस्ताव
SSIS ने धार्मिक पर्यटन और वास्तु शास्त्र के क्षेत्र में भी पीजी डिप्लोमा कोर्स का प्रस्ताव दिया है. इन दोनों कोर्स को लेकर यूनिवर्सिटी का मानना है कि भारत में हर साल लाखों लोग धार्मिक यात्रा पर निकलते हैं. वास्तु शास्त्र के विशेषज्ञों की भी अच्छी डिमांड है. अगर कोई छात्र वास्तु शास्त्र की पढ़ाई करता है तो सिविल इंजीनीयरिंग कंपनियों में उनके लिए रोजगार के बहुत अवसर उपलब्ध होंगे.

योग में MA कोर्स का भी प्रस्ताव 
योग की बढ़ती लोकप्रियता के मद्देनजर योग में MA कोर्स का भी प्रस्ताव दिया गया है. योग का इतिहास भारत में आदिकाल से है. इसके अलावा आयुर्वेद में BSc कोर्स को भी सामने लाया गया है. जिस तरह से एनवायरनमेंट में बदलाव हो रहा है और प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है, उसकी वजह से आयुर्वेद और योग के प्रति लोगों का झुकाव भी बढ़ा है. आने वाले दिनों में JNU प्रशासन संस्कृत में जर्नलिज्म और क्लासिकल म्यूजिक को लेकर भी कई कोर्स लाने की तैयारी में है.

मौलवियों के लिए स्पेशल कोर्स क्यों नहीं?- AMU छात्रसंघ अध्यक्ष
JNU में पंडितों के लिए स्पेशल कोर्स को लेकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी ने कहा, 'JNU में सिर्फ पंडितों के लिए कोर्स शुरू किया जा रहा है, मौलवी हजरात के लिए इस तरह के कोर्स की योजना क्यों नहीं है?'

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close