MP Chunav 2023: आखिरी बार 2003 में BJP ने किया था क्लीन स्वीप, क्या अब पूरी होगी अनूपपुर की कसर? जानें क्या कहते हैं आंकड़े
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MP Chunav 2023: आखिरी बार 2003 में BJP ने किया था क्लीन स्वीप, क्या अब पूरी होगी अनूपपुर की कसर? जानें क्या कहते हैं आंकड़े

MP Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं. साल दर साल समीकरण बदल रहे हैं. ऐसे में राजनीतिक दल भी अपने आंकड़े फिट करने में लगे हैं. यहां जानिए अनूपपुर की तीन विधानसभा सीटों अनूपपुर, कोतमा, पुष्पराजगढ़ (Anuppur, Kotma, Pushprajgarh) के इतिहास और हर चुनाव के आंकड़े.

MP Chunav 2023: आखिरी बार 2003 में BJP ने किया था क्लीन स्वीप, क्या अब पूरी होगी अनूपपुर की कसर? जानें क्या कहते हैं आंकड़े

MP Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे अनूपपुर में आदिवासी वोट के साथ ही पड़ोसी राज्य की राजनीति का असर रहता है. आखिरी बार साल 2003 के चुनाव में बीजेपी (BJP) ने यहां क्लीन स्वीप किया था. जबकि, कांग्रेस (Congress) को ये मौका साल 2018 में मिला था. हालांकि, सिंधिया (Scindia) के साथ कांग्रेस विधायक बिसाहूलाल सिंह (Bisahulal Singh) के भाजपा में चले जाने के कारण यहां के समीकरण बदल गए. अब देखना होगा की 2023 के विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Chunav) में यहां कौन अपना परचम लहराता है.

2018 में किसने हासिल की थी जीत
अनूपपुर में तीन विधानसभा क्षेत्र हैं. पहला अनूपपुर दूसरा पुष्पराजगढ़ और तीसरा कोतमा (Anuppur, Kotma, Pushprajgarh). यहां कोतमा के अलावा दोनों सीटी ST के लिए रिजर्व हैं. पिछले चुनाव यानी 2018 की परिणामों की बात करें तो अनूपपुर से बिसाहूलाल सिंह कांग्रेस की टिकट पर चुनाव जीते थे. हालांकि, बाद में वो भाजपा में शामिल हुए और उपचुनाव जीतकर वापस सदन पहुंचे. वहीं पुष्पराजगढ़ से कांग्रेस प्रत्याशी फुंदेलाल सिंह और कोतमा से भी कांग्रेस प्रत्याशी सुनिल सराफ ने जीत हासिल की थी.

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वोट कैलकुलेशन
3,79,114 पुरुष और 3,70,123 महिलाओं के साथ कुल 7,49,237 आबादी वाले अनूपपुर जिले में कुल वोटर 4,99,476 हैं. इसमें से अनूपपुर के कुल 164248 वोटरों में 79397 महिलाएं और 84848 पुरुष हैं. वहीं इसमें से कोतमा के कुल 149963 वोटरों में 72251 महिलाएं और 77706 पुरुष हैं. जबकि, इसमें से पुष्पराजगढ़ के कुल 185265 वोटरों में 91912 महिलाएं और 93352 पुरुष हैं.

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2018 में वोट शेयर
अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी को 40951, कांग्रेस को 62352 और अन्य को 50,269 वोट मिले थे. वहीं कोतमा में बीजेपी को 36820, कांग्रेस को 48249, जबकि अन्य को 24,318 वोट मिले थे और पुष्पराजगढ़ में बीजेपी को 40951, कांग्रेस को 62352 और अन्य को जनता ने 44,810 वोट दिए थे.

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2018 में कितना था जीत का अंतर
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2018 में अनूपपुर से विजय प्रत्याशी बिसाहूलाल सिंह (INC) अपने प्रतिद्वंदी रामलाल रौतेल (BJP) से 11561 (9.40%) मतों के अंतर से जीते थे. वहीं कोतमा से सुनिल सराफ (INC), दिलीप कुमार जैसवाल (BJP) को 11429 (10.44%) मतों के अंतर से मात दी थी. वहीं पुष्पराजगढ़ में फुंदेलाल सिंह मार्को (INC) ने नरेंद्र सिंह मरावी (BJP) से 21401 (14.90%) मतों के अंतर से सीट जीत ली थी.

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2013 के आंकड़े
अनूपपुर से रामलाल रौतेल(BJP) ने बिसाहूलाल सिंह (INC) को 11745 (10.28%) मतो से हराया था. कोतमा से मनोज कुमार अग्रवाल(INC), राजेश सोनी (BJP) से 1546  (1.51%) मतों से जीत गए थे. वहीं पुष्पराजगढ़ से फुंदेलाल सिंह मार्को (INC) ने सुदामा सिंह (BJP) पर 35647 ( 26.83%) मतों से जीत हासिल की थी.

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2008 के आंकड़े
अनूपपुर से बिसाहूलाल सिंह (INC) ने रामलाल रौतेल (BJP) को 1149 (1.21%) मतों से हरा कर जीत हासिल की थी. कोतमा से दिलीप जैसवाल (BJP) ने     मनोज कुमार अग्रवाल (INC) को 1849 (2.12%) मतों से हरा दिया था. वहीं पुष्पराजगढ़ से सुदामा सिंह (BJP) ने फुंदेलाल सिंह मार्को (INC) को 1440 (1.37%) से हराया था.

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2003 के आंकड़े
इस साल यहां बीजेपी ने क्लीन स्वीप कर लिया था. अनूपपुर से रामलाल रौतेल (BJP) ने 4847 (4.61%) मतों से बिसाहू लाल सिंह (INC) को हरा दिया था. वहीं कोतमा से उस समय के कद्दावर नेता जय सिंह मरावी (BJP) ने आनंदराम सिंह (INC) को 19013 (18.82%) के अंतर से धूल चटा दी थी. जबकि, पुष्पराजगढ़ से सुदामा सिंह (BJP) ने कांग्रेस की कद्दावर महिला नेता राजेश नंदनी सिंह (INC) को 10577 (10.80%) मतों से हरा दिया था.

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2023 में क्या हो सकता है
अनूपपुर और पुष्पराजगढ़ में कांग्रेस और बीजेपी दोनों के ही प्रत्याशी कम ही बदलते हैं. लेकिन, इस बार अनूपपुर से मंत्री बिसाहूलाल को टिकट मिलने की संभावना कम है. जबकि, पुष्पराजगढ़ में भी भाजपा कोई युवा चेहरा ला सकती है. रही बात कोतमा की तो ये देखने वाली बात होगी की इस बार दोनों पार्टियां कोलांचल से कौन से हीरे लेकर आती हैं.

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