SC ने खारिज की पटाखा व्यापारियों की मांग, जारी रहेगा बैन

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध में छूट देने से इनकार कर दिया है.

SC ने खारिज की पटाखा व्यापारियों की मांग, जारी रहेगा बैन
दिल्ली-NCR में पटाखा बिक्री पर जारी रहेगा बैन (फाइल फोटो-Zee)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध में छूट देने से इनकार कर दिया है. पटाखा व्यापारियों ने बैन के खिलाफ कोर्ट से अपने फैसले को बदलने की मांग की थी, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लोग पटाखे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाले उसके आदेश से पहले खरीदे गए पटाखे चला सकते हैं. साथ ही उच्चतम न्यायालय ने पटाखों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने वाले उसके आदेश को लागू करने के लिए दिल्ली पुलिस को भी निर्देश दिए.

व्यापारियों ने दी थी ये दलील
कारोबारियों ने शीर्ष अदालत के सामने तत्काल सुनवाई के लिए इस मामले का उल्लेख किया था और कहा था कि अदालत के 12 सितंबर के आदेश के अनुरूप उनके लाइसेंसों का नवीनीकरण किया गया था और दिवाली के दौरान बिक्री के लिए उन्होंने पटाखे खरीदे लिये हैं.

व्यापारियों ने शीर्ष अदालत को बताया कि उन्होंने लाइसेंसों का नवीनीकरण होने के बाद बड़ा निवेश किया है और नया आदेश उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचाएगा. न्यायमूर्ति ए के सीकरी की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने आज इस अंतरिम आवेदन को सुनवाई के लिए रखा जाएगा. शीर्ष अदालत ने एक नवंबर तक पटाखों की बिक्री पर रोक लगाई थी.

दीपावली पर पटाखें की दुकान लगाने के लिए लाइसेंस लेने के लिए जिले के करीब 11 सौ दुकानदारों ने आवेदन किया था. प्रशासन द्वारा इस बार नोएडा में पटाखों की बिक्री के लिए 50 दुकानें व भंगेल में 18 दुकानों को लाइसेंस आवंटित करने की योजना थी.

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व्यापारी हुए मायूस
न्यायालय के आदेश के बाद अब पटाखा विक्रेता खासे मायूस दिख रहे हैं. नया बांस निवासी रामकुमार ने बताया कि अच्छे मुनाफे के लालच में दुकानदार दो-तीन महीने पहले ही पटाखों की एडवांस में बुकिंग करा लेते हैं. जिस दुकानदार के पास पटाखें रखने की जगह होती है. वह अपना माल थोक विक्रेता के यहां से उठा लेता है जिनके पास माल रखने की जगह नहीं होती उनका माल थोक विक्रेता के गोदाम में ही रखा रहता है. दुकानदार दीपावली के दो-दिन पूर्व ही माल को उठाते हैं.

एक अन्य दुकानदार जतिन चौधरी ने बताया कि प्रत्येक दुकानदार दो से पांच लाख रूपए का माल थोक विक्रेताओं से खरीदता है. ऐसे में नोएडा में ही सैकड़ों दुकानदारों को करोड़ों रूपए का नुकसान इस आदेश के बाद हुआ है.

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