Yogi Model: तीनों राज्यों में गूंज रहा योगी मॉडल, एमपी-राजस्थान में आते ही बीजेपी के नए मुख्यमंत्रियों के बदले तेवर
Advertisement
trendingNow0/india/up-uttarakhand/uputtarakhand2012717

Yogi Model: तीनों राज्यों में गूंज रहा योगी मॉडल, एमपी-राजस्थान में आते ही बीजेपी के नए मुख्यमंत्रियों के बदले तेवर

UP News: भाजपा सरकार अपने नए मॉडल के साथ जनता से कनेक्ट बनाने के लिए तैयारी कर रही है. ऐसे में सरकार उत्तर प्रदेश का 'योगी मॉडल' मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ को अब बूस्टर देने की तैयारी में है.  कहा जा रहा है, इन सभी राज्यों में कानून व्यवस्था के लिहाज से उत्तर प्रदेश सरकार में अपनाए जाने वाले सख्त मॉडल को भी आगे किया जाएगा.

 

BJP govt adopt the Yogi Model includes the Mission Shakti

Yogi Model: मध्‍य प्रदेश, राजस्‍थान और छत्‍तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनते ही योगी मॉडल का असर दिखने लगा है. मध्‍य प्रदेश में मोहन यादव से लेकर राजस्थान के भजन लाल शर्मा ने कुर्सी संभालते ही ऐसे आदेश दिए हैं, जिनमें योगी मॉडल की झलक साफ दिखती है. एमपी में सीएम मोहन यादव ने खुले में मांस-अंडे आदि की बिक्री पर अंकुश के साथ बुलडोजर कार्रवाई कर ये दिखा दिया है. छत्‍तीसगढ़ के नए सीएम विष्‍णुदेव साय ने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना की सौगात दे दी है. वहीं राजस्थान के सीएम ने सत्ता संभालते ही योगी मॉडल लागू करने का ऐलान कर दिया है.

डबल इंजन की सरकार 
राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़  तीन राज्यों में भाजपा की सरकारें बन गई हैं. इन राज्यों में वैसे तो डबल इंजन की सरकार के बूते आगे का अपना पूरा सफर तय करने का दावा किया जा रहा हैं. 'योगी मॉडल'  की शुरुआत मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कर दी है.

मध्यप्रदेश सरकार के बड़े फैसले
मध्यप्रदेश में कुछ दिनों के भीतर धार्मिक स्थलों से बजने वाले लाउडस्पीकर की संख्या कम हो जाएगी.  मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य में धार्मिक स्थलों के तय दायरे के भीतर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की योजना भी बनाई है .

मांस की बिक्री पर रोक
उत्तर प्रदेश में भाजपा नेता तरुण मिश्रा कहते हैं, कि राज्य में योगी सरकार ने मांस की बिक्री के लिए जो कानून लागू किए हैं, वह बेहतर हैं. जैसे कि बगैर लाइसेंस और स्क्रीनिंग के कोई भी मांस की दुकान खुले में नहीं लगाई जा सकती है. मिश्रा कहते हैं कि मध्यप्रदेश की सरकार ने भी इसी आदेश को पूरे राज्य में लगाने की योजना बनाई है. शुरुआत में भोपाल में इसे लेकर सख्ती भी बढ़ाई गई और जुर्माना भी लगाया गया है. 

मिशन शक्ति 
नेता तरुण मिश्रा का कहना है, कि मिशन शक्ति के माध्यम से जिस तरीके से उत्तर प्रदेश में महिलाओं को मजबूत करने की शुरुआत की गई है. वह पूरे देश में आज मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है. उनका मानना है कि भाजपा शासित राज्यों में तो कम से कम इन मॉडल को अपनाया ही जाना चाहिए. 

योगी का बुलडोजर
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के कई ऐसे मॉडल हैं, जिसे लेकर देश के अलग-अलग राज्यों में भाजपा की सरकारें उन्हें गाहेबगाहे अपनाती ही रहती हैं. भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग के सचिव मनोज कनौजिया कहते हैं कि भाजपा शासित राज्यों में कानून व्यवस्था एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद व्यवस्था बनकर उभरी है. जिस तरीके से कानून की धज्जियां उड़ाने वालों पर योगी का बुलडोजर चला है, इसी तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी अब मोहन यादव का बुलडोजर गरज रहा है.

महिलाओं की सुरक्षा में बढ़ता कदम 
महिलाओं की सुरक्षा के लिए उत्तर प्रदेश में जो मॉडल तैयार हुआ, उसे अलग-अलग राज्यों के साथ देश में तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके अलावा 2022 में भाजपा की यूपी में वापसी, महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के नाम पर ही हुई थी.  इसीलिए इस मॉडल की सब जगह प्रशंसा भी हो रही है. 

'योगी मॉडल' 
वरिष्ठ पत्रकार अरुण शर्मा कहते हैं, कि तीनों राज्यों में चुनावों के दौरान योगी सरकार की कानून व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा सुनने को मिली थी. निश्चित तौर पर सभी राज्यों में अब कानून व्यवस्था के उसी मॉडल पर लागू करने की उम्मीदें तो राज्य की जनता में होगी. जिस तरीके से खुले में मांस बेचे जाने से लेकर धार्मिक स्थलों पर ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की व्यवस्था मध्यप्रदेश सरकार ने की है. इससे अंदाजा लगाया जा रहा है, कि योगी मॉडल के ऐसे और भी कई महत्वपूर्ण पहलू होंगे,  जिन्हें सभी राज्यों में आगे बढ़ाया जाएगा. 

राजस्थान संघर्ष मुक्ति मोर्चा 
राजस्थान संघर्ष मुक्ति मोर्चा से जुड़े देवेंद्र सिंह का कहना है, कि राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर योगी मॉडल को अपनाना चाहिए. कानून व्यवस्था के लिहाज से राजस्थान में सख्त कदम उठाए जाने जरूरी है. मध्यप्रदेश में जिस तरीके से उत्तर प्रदेश की तरह खुले में मांस पर प्रतिबंध लगाया है, उसी तरीके से राजस्थान में भी यह शुरू किया जाना चाहिए. मध्यप्रदेश में पहले से यह मांग की जा रही थी कि कानून व्यवस्था के लिहाज से योगी मॉडल को अपनाया जाना चाहिए. अब उम्मीद लग रही है कि राज्य की व्यवस्थाएं आगे बढ़ेंगी. 

Trending news