संसद की गरिमा तार-तार; तेलंगाना बिल के विरोध में सांसद ने किया मिर्ची स्प्रे, माइक व शीशे तोड़े

संसद की गरिमा तार-तार; तेलंगाना बिल के विरोध में सांसद ने किया मिर्ची स्प्रे, माइक व शीशे तोड़े

संसद की गरिमा तार-तार; तेलंगाना बिल के विरोध में सांसद ने किया मिर्ची स्प्रे, माइक व शीशे तोड़ेज़ी मीडिया ब्यूरो

नई दिल्ली: लोकसभा में गुरुवार जो हुआ उसने पूरे देश का सिर शर्म से झुका दिया है। भारतीय संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले अभूतपूर्व घटनाक्रम में गुरुवार को लोकसभा में माइक तोड़े गए और मिर्ची स्प्रे किया गया, जिससे तीन सांसदों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा तथा बाद में सीमांध्र क्षेत्र के 16 सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। हंगामे के बीच ही सदन में तेलंगाना विधेयक भी पेश कर दिया गया।

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इससे देश एवं संसद शर्मसार हुई तथा यह एक धबबा है। सदन में अप्रत्याशित हंगामा और अफरातफरी उस समय मच गई जब कांग्रेस से निष्कासित सदस्य एवं आंध्र प्रदेश के विभाजन का विरोध कर रहे उद्योगपति एल राजगोपाल ने काली मिर्ची स्प्रे करना शुरू कर दिया।

इसके बाद तीन सदस्यों विनय कुमार पांडे, पूनम प्रभाकर तथा बलराम नाइक को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन तथा बुरी तरह खांसी आने के कारण राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अफरातफरी के बीच सदन से बाहर आये कई सदस्यों के आंखों से पानी बह रहा था और उन्हें सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। संसद में परिसर में स्थिति से निबटने के लिए एम्बुलेंस बुलवाई गई थीं।

तेलंगाना का विरोध कर रहे तेदेपा के सदस्य वेणुगोपाल ने सदन के महासचिव का माइक तोड़ डाला। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे जब आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक पेश करने के लिए सदन में खड़े हुए तो इसका समर्थन एवं विरोध कर रहे सदस्यों के हंगामे के चलते आसन के पास एक कंप्यूटर का स्क्रीन भी टूट गया।

उधर, राज्यसभा में भी तेलंगाना मुद्दे पर हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दिन भर बाधित रही। हंगामे के दौरान उच्च सदन में तेदेपा के सी एम रमेश ने आसन के माइक उखाड़ने का प्रयास किया। हंगामे के चलते बैठक को दो बार के स्थगन के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। मुख्य विपक्ष दल भाजपा एवं कुछ अन्य दलों ने हालांकि विधेयक को पेश हुआ मानने से इनकार कर दिया।

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस घटना पर कहा है कि मैं बेहद तकलीफ और गुस्से में हूं। संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने घटना को प्रजातंत्र के लिए काला दिन करार दिया है।

सदन में घोर अव्यवस्था फैलाने, नियमों का उल्लंघन करने और जानबूझकर कार्यवाही में विघ्न डालने के आरोप में लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने 16 सदस्यों को नियम 374 ए के तहत निलंबित कर दिया। सदन में पिछले कई दिनों से तेलंगाना मुद्दे पर कार्यवाही में बाधा डालने के लिए इन सदस्यों को अध्यक्ष ने निलंबित किये जाने की घोषणा की। लोकसभा के 16 सांसदों को पांच दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। इन सांसदों में तेलुगू देशम के पांच, कांग्रेस के पांच, वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई. एस. जगनमोहन रेड्डी सहित दो सांसद और कांग्रेस से निष्कासित छह में से पांच सांसद शामिल हैं। घटना पर कांग्रेस नेता राजीव शुक्‍ला ने कहा है कि सदन में मौजूद सभी सांसदों को मारने की साजिश थी।

लोकतंत्र में टीडीपी के सांसद वेणुगोपाल रेड्डी पर एक सांसद ने चाकू निकाने के भी आरोप लगाया है। लोकसभा में गुरुवार को तेलंगाना बिल के विरोध के नाम पर लोकसभा में जमकर बवाल हुआ। सांसदों ने बिल की कॉपियां फाड़ दी। स्पीकर का माइक तोड़ने की कोशिश की गई इतना ही नहीं सांसदों ने लोकसभा की कई मेजें और शीशे भी तोड़ दिए। संसद के इतिहास में ऐसी शर्मनाक घटना पहले कभी नहीं हुई थी। तमाम दलों को नेता एक सुर में आज घटने वाली घटना का विरोध कर रहे हैं। सदन में स्प्रे छिड़के जाने और माइक आदि तोड़े जाने की अभूतपूर्व अफरातफरी की घटनाओं और हंगामे के बीच लोकसभा में आज विवादास्पद आंध्रप्रदेश पुनर्गठन विधेयक 2014 पेश कर दिया गया।

एक बार के स्थगन के बाद 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही तेलंगाना विरोधी सांसदों ने लोकसभा में भारी उत्पात मचाना शुरू कर दिया। अध्यक्ष मीरा कुमार अभी आसन पर बैठ भी नहीं पायी थीं कि तेदेपा के वेणुगोपाल रेड्डी ने लोकसभा महासचिव की कुर्सी पर चढ़कर अध्यक्ष की मेज पर रखे तेलंगाना विधेयक और अन्य कागजात को छीनना शुरू कर दिया और महासचिव के माइक को खींचकर तोड़ डाला।

कुछ सदस्य उन्हें ऐसा करने से रोक ही रहे थे कि कांग्रेस के एल राजगोपाल ने पेपरवेट उठाकर रिपोर्टर की मेज पर रखे एक बक्से को तोड़ डाला जिससे जोर का धमाका हुआ और उसके बाद अपनी जेब से कोई स्प्रे निकालकर चारों ओर छिड़कने लगे। स्प्रे छिड़कने से सदन में और दर्शक एवं पत्रकार दीर्घाओं में बैठे सभी लोगों की आंखों में जलन होने लगी और खांसी आने लगी। इससे कुछ सदस्य काफी असहज महसूस करने लगे जिसके बाद सदन में संसद के डाक्टर को बुलाना पड़ा। कुछ सदस्यों को उपचार के लिए एम्बुलेंस से राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया।

भारी उत्पात और अफरातफरी में तेलंगाना विधेयक कब पेश हुआ, इसका पता ही नहीं चला और बाद में कानून मंत्री कपिल सिब्बल और संसदीय कार्य मंत्री कमनाथ ने बताया कि विधेयक पेश कर दिया गया है।

पृथक तेलंगाना राज्य के गठन को लेकर गुरुवार को भी हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। लोकसभा की अगली बैठक अब सोमवार को होगी, क्योंकि शुक्रवार को गुरु रविदास जयंती की छुट्टी है।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने गुरुवार को संसद में उत्पन्न अभूतपूर्व बाधा को शर्मनाक करार दिया। कांग्रेस से निष्कासित एक सांसद ने लोकसभा में काली मिर्च का पाउडर छिड़का, जिससे वहां अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। आडवाणी ने कहा कि यह घटना न केवल सरकार के लिए, बल्कि संसद के लिए भी शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि सरकार सांसदों को निलंबित कर विवादित (तेलंगाना) विधेयक पेश करने जा रही है। यह स्पष्ट रूप से संसद चलाने का तरीका नहीं है। (एजेंसी इनपुट के साथ)

First Published: Thursday, February 13, 2014, 09:20

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