`उल्लू` की टिप्पणी से बिफरे मोदी, कहा- राहुल गांधी ने किया गुजरात के लोगों का अपमान

Last Updated: Saturday, February 8, 2014 - 23:58

ज़ी मीडिया ब्यूरो
चेन्नई/गुवाहाटी/इंफाल : नरेन्द्र मोदी के अपने गृह राज्य गुजरात में राहुल गांधी के ‘उल्लू’ वाले व्यंग्य के कुछ घंटे बाद गुवाहाटी से चेन्नई पहुंचे भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने उन पर पलटवार किया और आरोप लगाया कि राहुल ने गुजरात के लोगों को ‘मूर्ख’ बताया है और उनका अपमान किया है। उन्होंने कांग्रेस के प्रशासन मॉडल की भी आलोचना की जहां शैडो सरकार चलाई जा रही है और प्रधानमंत्री के पद को ‘कमतर’ किया जा रहा है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष पर हमला करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्होंने कहीं भी ऐसी संस्कृति नहीं देखी है जहां पार्टी का कोई बड़ा नेता कैबिनेट के निर्णय को फाड़ दे। उनका इशारा संभवत: दोषी जनप्रतिनिधियों पर अध्यादेश को लेकर राहुल गांधी के विरोध की तरफ था। उन्होंने ‘संप्रदाय की जहर की खेती’ फैलाने के लिए भी कांग्रेस शासित संप्रग सरकार की आलोचना की।
मोदी ने यहां वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर भी तीखा हमला बोला जिन्होंने अर्थव्यवस्था पर उनके ज्ञान को लेकर सवाल उठाया था। मोदी ने आरोप लगाते हुए कहा कि चिदंबरम के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था गिरावट के मामले में नये स्तर पर पहुंच गई है। मोदी ने उन्हें बार-बार ‘पुनर्मतगणना मंत्री’ (2009 चुनाव में पुनर्मतगणना में उनकी जीत का उल्लेख करते हुए) करार देते हुए कहा कि उनके और जानेमाने अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भारत ने उच्च बेरोजगारी, राजकोषीय घाटा और निम्न विकास दर दर्ज की।’ उन्होंने कहा, ‘हावर्ड जाने का कोई मतलब नहीं। मायने रखता है कड़ी मेहनत, किसी व्यक्ति ने एक सामान्य विद्यालय में पढ़ाई की, चाय बेची और हावर्ड का दरवाजा भी नहीं देखा उसने दिखा दिया कि अर्थव्यस्था कैसे संभाली जाती है।’
मोदी ने कहा, ‘गुजरात ने गत 10 वर्ष के दौरान औसतन 10.1 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है जबकि संप्रग के कार्यकाल में राष्ट्रीय औसत 7.6 रही है और दो वर्षों से यह गिरकर 4.5 हो गया है।’ मोदी ने चिदंबरम पर जोरदार हमला बोला जिन्होंने हाल में दावोस में कहा था कि अर्थव्यवस्था पर मोदी के ज्ञान को डाक टिकट के पीछे लिखा जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘पुनर्मतगणना मंत्री मेरे खिलाफ कुछ समय से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते रहे हैं। मैं चुप था क्योंकि आप जितना कीचड़ फेंकेंगे, कमल उतना ही खिलेगा।’
उन्होंने कहा कि चिदंबरम इतने अहंकारी हैं कि वह सोचते हैं कि वह समस्त ज्ञान का भंडार हैं। मोदी ने कहा, ‘वह ऐसे व्यवहार करते हैं कि जब भगवान ज्ञान बांट रहे थे तो वह पंक्ति में सबसे आगे खड़े थे।’ मोदी ने ‘हावर्ड बनाम कड़ी मेहनत’ नारे से अपनी तुलना चिदंबरम से करते हुए उन्हें ललकारा कि विकास और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर खुली बहस में उनका सामना करें।
इससे पहले शनिवार को मोदी ने मणिपुर की राजधानी इंफाल से रैली की शुरुआत की। इंफाल में एक जनसभा को संबोधित करते मोदी ने कहा कि राज्य सरकारों और केंद्र की लचर नीतियों के चलते पूर्वोत्तर को उग्रवाद की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। मोदी के यहां पहुंचने से कुछ ही मिनट पहले एक उग्रवादी संगठन ने मणिपुर के उखरूल जिले में असम राइफल्स के कर्मियों को निशाना बना कर हमला किया जिसमें एक जवान शहीद हो गया जबकि तीन अन्य घायल हो गए।
मोदी ने अपने घंटे भर के भाषण में कहा कि क्षेत्र में कम विकास होने के चलते यहां के लोग राष्ट्रीय मुख्यधारा में विकास कार्य नहीं कर सके। उन्होंने प्रगति और विकास के लिए शांति की जरूरत पर बल दिया। मोदी ने कहा कि भाजपा के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने केंद्र सरकार के सभी विभागों को अपने बजट का 10 फीसदी हिस्सा खर्च करने का आदेश देकर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास की दिशा में कदम उठाया था।
मोदी ने कहा, ‘यदि भाजपा सत्ता में (अगले आमचुनाव में) आती है तो हम उपयुक्त नीति बनाएंगे और इन सभी समस्याओं का हल करेंगे ताकि क्षेत्र के लोग विकास का लाभ प्राप्त कर सकें।’ उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों को दिल्ली में अहमियत नहीं दी जा रही है क्योंकि केंद्र सरकार का उन पर ध्यान नहीं है। हम देश के सभी लोगों को समान अहमियत देने के लिए सब कुछ करेंगे, चाहे वे पूर्वोत्तर से हों या कहीं और से।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछले हफ्ते अरूणाचल प्रदेश के एक छात्र की हत्या की घटना की निंदा की। उन्होंने कहा कि नीडो की मौत राष्ट्रीय कलंक है। राज्य में धड़ल्ले से हो रहे भ्रष्टाचार के लिए केंद्र और मणिपुर सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए मोदी ने कहा कि लोकतक झील के विकास के लिए मिले 500 करोड़ रूपये का सत्तारूढ़ पार्टी के लोगों ने गबन कर लिया। गौरतलब है कि पूर्वोत्तर में यह एकमात्र मीठे पानी की झील है।
उन्होंने कहा कि चीन शेष दुनिया को हर्बल दवाएं और पौधे निर्यात कर रहा है जबकि वनस्पति में समृद्ध पूर्वोत्तर पीछे छूट गया है। मोदी ने कहा कि यदि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग उपयुक्त औषधि के विकास में किया जाता है तो क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा और उन्हें रोजगार के लिए अन्य राज्यों में जाने की जरूरत नहीं होगी।
इंफाल के बाद गुवाहाटी पहुंचे मोदी ने एक जनसभा में कहा, ‘अब तो केवल 100 दिनों की बात है। कांग्रेस का जाना तय है। वे नहीं बचेंगे।’ उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि असम से यदि किसी सामान्य कार्यकर्ता ने इतने वर्षों तक राज्य का प्रतिनिधित्य किया होता तो उसने राज्य की तस्वीर बदल दी होती लेकिन सिंह ऐसा करने में असफल रहे और उन्हें इसके लिए जनता को जवाब देना चाहिए।
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री को परियोजनओं का शिलान्यास करने या फीता काटने के लिए बुलाया लेकिन यह वहीं पर समाप्त हो गया और इसके बाद कुछ नहीं हुआ।’ मोदी ने कहा कि राजग प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने की पहल की और इसके विकास के लिए कदम उठाए, लेकिन राज्य की और केंद्र की कांग्रेस सरकारें सिर्फ भ्रष्टाचार में शामिल रही।
मोदी ने लोगों से पूछा, ‘आप 23 वर्षों से प्रधानमंत्री को यहां से भेज रहे हैं। आप मुझे बताइये, आपने इतना बड़ा निवेश किया लेकिन आपको इसका प्रतिफल क्या मिला। आपको क्या कुछ मिला?..यदि उन्होंने आपके होते हुए आपके लिए कुछ नहीं किया तो वह देश के लिए क्या करेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘सभी पूर्वोत्तर राज्यों में असम की स्थिति सबसे खराब है।’ उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, ‘कांग्रेस के नेता संकीर्ण मानसिकता वाले हैं। उनकी सोच संकीर्ण है, सपने छोटे और दृष्टि अदूरदर्शी है।’
मोदी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री जी! यदि असम से एक छोटा कार्यकर्ता भी राज्यसभा में 23 वर्षों तक बैठता हो उसने असम की तस्वीर बदल दी होती। आप राज्यसभा में 23 वर्षों से बैठे हुए हैं और प्रधानमंत्री का प्रतिष्ठित पद पर आसीन हैं और इसके बावजूद आपका राज्य असम इतनी खराब स्थिति का सामना कर रहा है, तब आप इसकी कल्पना कर सकते हैं कि यह देश कितनी खराब स्थिति में होगा।’ मोदी ने कहा कि लोकतंत्र में असम और देश के लोगों को यह अधिकार है कि वे प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण मांगे कि वह उनके उम्मीदों पर खरा उतरने में असफल क्यों रहे।’
गुजरात के मु़ख्यमंत्री मोदी ने ‘महाजागरण समावेश’ रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री जी! आपको जवाब देना होगा। देश की जनता को आपसे जवाब मांगने का अधिकार है और असम के लोगों को आपसे जवाब मांगने का विशेष अधिकार है।’ उन्होंने अपना हमला असम और केंद्र दोनों ही स्थानों की सरकारों पर हमले पर केंद्रित रखा।
मोदी ने कहा, ‘आपने कांग्रेस को 60 वर्षों तक झेला। उन्होंने केवल वादे किये और देश को गुमराह किया। आप मुझे केवल 60 महीने दीजिये, मैं आपकी आकांक्षाओं को पूरा कर दूंगा।’ उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘वे काला धन विदेशों में जमा कर रहे हैं और उसे वापस नहीं लाना चाहते।’ भाजपा सरकार सभी काला धन भारत लाने के लिए सब कुछ करेगी और उसे विभिन्न विकास कार्यों में लगाएगी। काले धन को गरीबों, शिक्षा के प्रसार और वृद्धों को भोजन और दवा मुहैया कराने के लिए खर्च करेगी। (एजेंसी इनपुट के साथ)



First Published: Saturday, February 8, 2014 - 23:29


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