कांग्रेस ने ठुकराईं ‘आप’ की शर्तें, बीजेपी ने कहा- पूरे देश का एजेंडा बनाना चाहते हैं केजरीवाल

दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलने के बाद ‘आप’ पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा के सामने 18 शर्तें रखी हैं।

ज़ी मीडिया ब्यूरो
नई दिल्ली : दिल्ली के उपराज्यपाल से मिलने के बाद ‘आप’ पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा के सामने 18 शर्तें रखी हैं। केजरीवाल ने इन 18 शर्तों पर दोनों पार्टियों का रुख जानना चाहा है। केजरीवाल ने कहा है कि भाजपा-कांग्रेस के रुख को लेकर वह जनता के बीच जाएंगे और जनता दिल्ली में यदि सरकार बनाने के लिए कहती है तो ही वह सरकार बनाएंगे। जबकि कांग्रेस ने केजरीवाल की शर्तों खारिज करते हुए उन्हें ‘बिना पेंदी का लोटा’ करार दिया है।
केजरीवाल ने आज सुबह दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद केजरीवाल ने बताया कि उन्होंने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने 18 मुददों वाली शर्तें रखी हैं और इन मुद्दों पर उन्होंने दोनों पार्टियों का रुख जानना चाहा है। दोनों पार्टियों का रुख जाहिर होने के बाद वह जनता के बीच जाएंगे और जनता कहेगी तो वह दिल्ली में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।
वहीं, कांग्रेस ने केजरीवाल की इन शर्तों को खारिज कर दिया है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष जेपी अग्रवाल ने कहा, ‘हमने ‘आप’ पार्टी को बिना शर्त समर्थन दिया है। उनको सरकार बनानी चाहिए ताकि जनता पर बोझ न पड़े। ‘आप’ को अपनी सरकार बनाकर अपने घोषणापत्र को लागू करना चाहिए।’
भारतीय जनता पार्टी के नेता बलबीर पुंज ने कहा, ‘अरविंद केजरीवाल नाटक कर रहे हैं। वह पूरे देश का एजेंडा अपने हिसाब से तय करना चाहते हैं। राजनीति में ऐसा नहीं होता। उनकी भाषा में अहंकार है जो ठीक नहीं है।’
गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल नजीब जंग से 10 दिनों का समय मांगा है ताकि वह सरकार बनाने के विकल्पों की तलाश कर सकें।