डियर जिंदगी

डियर जिंदगी : माता-पिता के आंसुओं के बीच 'सुख की कथा' नहीं सुनी जा सकती...

डियर जिंदगी : माता-पिता के आंसुओं के बीच 'सुख की कथा' नहीं सुनी जा सकती...

बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा और संस्कार पर बहुत गंभीरता से विचार की जरूरत है. अगर इस पर समय रहते संशोधन नहीं हुआ तो हम बुजुर्गों की एक ऐसी दुनिया बना देंगे, जहां तनाव, डिप्रेशन और उदासी के घाव के अतिरिक्त कुछ नहीं होगा. और यह जरूर याद रहे कि हम इस दुनिया से बहुत दूर नहीं होंगे!

Oct 19, 2018, 09:20 AM IST
डियर जिंदगी: ...जो कुछ न दे सके

डियर जिंदगी: ...जो कुछ न दे सके

 समय का छोटा सा टुकड़ा उनके लिए भी निकालना चाहिए, जिन्होंने 'धूप' के वक्त बिना शर्त हमें अपनी छांव देने के साथ ही, हमारे होने में अहम भूमिका का निर्वाह किया.

Oct 18, 2018, 09:17 AM IST
डियर जिंदगी : साथ रहते हुए स्‍वतंत्र होना!

डियर जिंदगी : साथ रहते हुए स्‍वतंत्र होना!

जहां भाव से अधिक ‘समझ’ जमा हो जाती है, वहां रिश्‍तों में दरार की गुंजाइश बढ़ जाती है. रिश्‍तों के नाम भले वही हों, लेकिन उनके मिजाज, व्‍यवहार में जो ‘ताजी’ हवा आई है, उसके अनुकूल स्‍वयं को तैयार करना होगा.

Oct 17, 2018, 10:19 AM IST
डियर जिंदगी : ‘आईना, मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे...’

डियर जिंदगी : ‘आईना, मुझसे मेरी पहली सी सूरत मांगे...’

हम दो कदम आगे बढ़ते हैं, तो पीछे के उजालों को भूलने लगते हैं. यह पीछे छूटते उजाले धीरे-धीरे हमारी सूरत बदलने लगते हैं. एक दिन होता यह है कि आईना, हमारी हमारी शक्‍ल भूलने लगता है. पहली सी सूरत मांगने लगता है!

Oct 16, 2018, 10:01 AM IST
डियर जिंदगी: अपेक्षा का कैक्टस और स्नेह का जंगल

डियर जिंदगी: अपेक्षा का कैक्टस और स्नेह का जंगल

बच्चों को होशियार, चतुर, 'चांद' पर जाने लायक बनाने की कोशिश में हम स्नेह की चूक कर रहे हैं, जो एक हरे-भरे, लहलहाते जीवन को सुखद आत्मीयता की जगह कहीं अधिक कैक्टस और कंटीली झाड़ियों से भर रही है.

Oct 15, 2018, 09:11 AM IST
डियर जिंदगी : परवरिश की परीक्षा!

डियर जिंदगी : परवरिश की परीक्षा!

भारत में हर 13 में से एक व्यक्ति मानसिक बीमारी से पीड़ित है. अगले पांच बरस में यह अनुपात हर पांच में से एक व्यक्ति तक पहुंच सकता है.

Oct 12, 2018, 09:41 AM IST
डियर जिंदगी : कितने उदार हैं, हम!

डियर जिंदगी : कितने उदार हैं, हम!

अपने बच्चों के ही मन की बात को समझ पाना. उनके सपनों को पढ़ सकना, अरमां की गहराई तक जा पाना जो आप पर निर्भर हैं, मुश्किल काम नहीं, बस अपनी ख्‍वाहिश उन पर थोपने से मुक्‍त हो जाइए.

Oct 11, 2018, 10:20 AM IST
डियर जिंदगी : दुख रास्‍ता है, रुकने की जगह नहीं…

डियर जिंदगी : दुख रास्‍ता है, रुकने की जगह नहीं…

आंसू तो एक प्रकार की सफाई हैं. वह मन में जमे दुख के मैल को आसानी से डिटर्जेंट की तरह निकाल देते हैं. इसलिए आंसुओं से नहीं डरना है, बल्कि इसकी चिंता करनी हैं कि कहीं आंसू निकलने बंद ही न हो जाएं.

Oct 10, 2018, 09:04 AM IST
डियर जिंदगी : मेरा होना सबका होना है!

डियर जिंदगी : मेरा होना सबका होना है!

दुविधा और मन की दुर्बलता से जैसे ही आशंका के गुब्‍बारे मिलते हैं, वह मन में ऐसी गरम हवा का निर्माण करते हैं, जिसमें भीतर की कोमलता, उदारता और स्‍नेह कुछ ही मिनट में छू मंतर हो जाते हैं.

Oct 9, 2018, 08:59 AM IST
डियर जिंदगी : जीवन के गाल पर डिठौना!

डियर जिंदगी : जीवन के गाल पर डिठौना!

सुख के बीच दुख, असुविधा की आहट, अभ्‍यास भी बेहद जरूरी है. इसके बिना सुख की अनुभूति अधूरी है.

Oct 8, 2018, 09:36 AM IST
डियर जिंदगी : मन की गांठ!

डियर जिंदगी : मन की गांठ!

हमें उनके लिए जो हम पर निर्भर हैं, कहीं अधिक उदार होने की जरूरत है. जो सबल हैं, उनके प्रति स्‍नेह तो सहज, स्‍वाभाविक है.

Oct 5, 2018, 09:39 AM IST
डियर जिंदगी : मीठे का ‘खारा’ होते जाना

डियर जिंदगी : मीठे का ‘खारा’ होते जाना

अकेलापन, केवल अकेले रहना नहीं है. यह तो उस संक्रामक विचार प्रक्रिया का ‘टिप ऑफ आइसबर्ग’ है, जो अपने साथ निराशा, दुख, ईर्ष्‍या और गहरी उदासी को साथ लिए चलता है.

Oct 4, 2018, 09:20 AM IST
डियर जिंदगी : रिश्‍ते की ‘कस्‍तूरी’ और हमारी खोज!

डियर जिंदगी : रिश्‍ते की ‘कस्‍तूरी’ और हमारी खोज!

तय करिए कि हमारा स्‍नेह, प्रेम और आत्‍मीय उस मोबाइल, गैजेट्स के लिए है, जिसे हमने बनाया है या उनके लिए है, जिन्‍हें हमने बनाया है. जिनसे हम बने हैं!

Oct 3, 2018, 09:10 AM IST
डियर जिंदगी : खुद को कितना जानते हैं!

डियर जिंदगी : खुद को कितना जानते हैं!

हमें दुनिया को जानने के मिशन, दावों पर निकलने से पहले अपने बारे में निश्‍चित होने की जरूरत है. हमारे सुख, प्रसन्‍नता, ‘जीवन -आनंद’ के सारे रास्‍ते यहीं से होकर जाते हैं.  

Oct 2, 2018, 07:47 AM IST
डियर जिंदगी : ‘पहले हम पापा के साथ रहते थे, अब पापा हमारे साथ रहते हैं…’

डियर जिंदगी : ‘पहले हम पापा के साथ रहते थे, अब पापा हमारे साथ रहते हैं…’

वह सभी रिश्‍ते जिनसे हमारा ‘कुटुंब’ बनता है, माता-पिता जितने ही मूल्‍यवान हैं. बच्‍चों की शिक्षा जरूरी है, लेकिन अगर उस शिक्षा में मूल्‍य नहीं हैं, मनुष्‍य की कद्र, रिश्‍तों की ऊष्‍मा नहीं है, तो बच्‍चा ‘मशीन‘ बनेगा, मनुष्‍य नहीं! मशीन प्रेम नहीं करती, बस वह प्रेम का भरम बनाए रखने वाली चीजें बनाती है.

Oct 1, 2018, 08:50 AM IST
डियर जिंदगी : कह दीजिए, मन में रखा बेकार है…

डियर जिंदगी : कह दीजिए, मन में रखा बेकार है…

कुछ अनकहा मत रखिए, इससे रिश्‍ते सुंदर, स्‍वस्‍थ और मन हल्‍का रहेगा!

Sep 28, 2018, 08:36 AM IST
डियर जिंदगी : ‘बड़े’ बच्‍चों को भी चाहिए प्रेम

डियर जिंदगी : ‘बड़े’ बच्‍चों को भी चाहिए प्रेम

बच्‍चा कितना ही बड़ा हो जाए, माता-पिता के लिए बच्‍चा ही है. और उसके बच्‍चा बने रहने में कोई गलती नहीं, वह बस थोड़े से स्‍नेह का स्‍पर्श ही तो मांग रहा है.

Sep 27, 2018, 10:02 AM IST
डियर जिंदगी : ‘फूल बारिश में खिलते हैं, तूफान में नहीं…’

डियर जिंदगी : ‘फूल बारिश में खिलते हैं, तूफान में नहीं…’

हौसले की जरूरत केवल हिंद महासागर में नहीं होती. हर दिन की जिंदगी इससे कम मुश्किल वाली नहीं होती. हमारे आसपास बिखरा तनाव, निराशा और डिप्रेशन समुद्री तूफान जितना ही जानलेवा है.

Sep 26, 2018, 09:30 AM IST
डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

जब सपनों की शहर में आपके पांव अच्‍छी तरह जम जाएं तो होता यह है कि अपनों की बातें आप तक पहले तो पहुंचती ही नहीं और पहुंच भी जाए तो अच्‍छी बात भी ‘कड़वी’ लगने लगती है.

Sep 25, 2018, 09:35 AM IST
डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

अपने भीतर एक ऐसी दुनिया का निर्माण हम करते जाते हैं, जो हमसे ही लडऩे के लिए, हमें ही हराने के लिए कमर कसे हुए हैं.

Sep 24, 2018, 08:45 AM IST

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close