'सुपरस्टार' रजनीकांत राजनीति में आएंगे? फिर गरम हुआ अटकलों का बाजार

'सुपरस्टार' रजनीकांत राजनीति में आएंगे? फिर गरम हुआ अटकलों का बाजार

तमिलनाडु के लोगों के जेहन में यह सवाल बार-बार कौंध रहा है कि क्या ‘सुपरस्टार’ रजनीकांत राजनीति के क्षेत्र में आएंगे. दिवंगत जयललिता और बीमार चल रहे द्रमुक सुप्रीमो नब्बे साल के एम करणानिधि के मौजूदा तस्वीर से गायब होने के चलते अब रजनीकांत के प्रशंसकों को विश्वास है कि वही एक हैं जो इस राजनीतिक शून्य को प्रभावी ढंग से भर सकते हैं.

राष्ट्र के लिए 'धर्मयुद्ध' लड़ूंगा : अमर सिंह

राष्ट्र के लिए 'धर्मयुद्ध' लड़ूंगा : अमर सिंह

समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता अमर सिंह अपने बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं और उनके बयान अक्सर राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा देते हैं। सपा से दूसरी बार अपने निष्कासन और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव

आरक्षण खत्म करने संबंधी वैद्य के बयान पर सियासत गरमाई

आरक्षण खत्म करने संबंधी वैद्य के बयान पर सियासत गरमाई

आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य की आरक्षण नीति की समीक्षा का समर्थन करने संबंधी टिप्पणी से शुक्रवार को विवाद उत्पन्न हो गया। वैद्य ने कहा कि यहां तक कि संविधान निर्माता बी आर अंबेडकर ने भी इसके हमेशा जारी रहने का समर्थन नहीं किया था। वैद्य की यह टिप्पणी पांच राज्य के विधानसभा चुनाव में भाजपा को संभावित रूप से नुकसान पहुंचा सकती है।

Zee जानकारी : पराजित नहीं हो सकता है कैराना का सच

Zee जानकारी : पराजित नहीं हो सकता है कैराना का सच

हमारे देश में अल्पसंख्यक वोटों की राजनीति करने वाले धुरंधर नेताओं की लम्बी-चौड़ी फौज खड़ी है। लेकिन ये भी एक दुखद विडंबना है कि अगर देश के किसी हिस्से में हिंदू समुदाय के लोग अल्पसंख्यक बन जाते हैं

'बोफोर्स घोटाले की आंच से मैंने अमिताभ बच्चन को बचाया'

'बोफोर्स घोटाले की आंच से मैंने अमिताभ बच्चन को बचाया'

कभी अभिनेता अमिताभ बच्‍चन के बेहद नजदीकी रहे राजनेता अमर सिंह ने एक बार फिर उन पर निशाना साधा है। न्‍यूज़ चैनल इंडिया 24×7 के एडिटर वासिंद

फ्लाईओवर ढहने पर सियासत तेज, तृणमूल और भाजपा में शब्दयुद्ध

तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच फ्लाईओवर ढहने को लेकर शब्दयुद्ध शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने राज्य सरकार पर जहां ‘आपराधिक लापरवाही’ के आरोप लगाए वहीं तृणमूल कांग्रेस ने इसे ‘सस्ती राजनीति’ बताया।

सियासत में आह्वाहन की भूमिका

सियासत में आह्वाहन की भूमिका

एकजुटता और अखंडता को दर्शाता है- आह्वाहन। श्रेष्ठ नेतागण या किसी समुदाय विशेष को दिशा निर्देशित करने वाले व्यक्ति किसी विशेष कार्य के लिए लोगों के एकजुट होकर कदम से कदम मिलाकर चलने का आह्वाहन करते हैं। महात्मा गांधी ने आह्वाहन किया था उन बिखरे लोगों का जो आजके बने भारत में तो थे पर उनमें मिलकर चलने की असल भावना गांधीजी ने ही जगायी। लाल बहादुर शास्त्री जी ने देशवासियों का आह्वान् किया था कि देशवासी कुछ दिनों के लिए एक वक्त का भोजन छोड़ दें। ताकि ग्रामीण इलाकों में चल रही भूखमरी की समस्या से कुछ हद तक निज़ाद मिल सके।

राष्ट्रहित को सर्वोपरि मान लंबित विधेयक पारित हों : नकवी

राष्ट्रहित को सर्वोपरि मान लंबित विधेयक पारित हों : नकवी

आर्थिक सुधार एवं लोक कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयकों के संसद में लंबित होने के बीच संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने उम्मीद जतायी है कि विकास के कार्यो पर सियासत का साया नहीं पड़ेगा और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए सभी दल इन्हें पारित कराने में पूरा सहयोग करेंगे।

मीट बैन पर गरमाई सियासत; महाराष्ट्र से उठी आग कई राज्यों में पहुंची, बम्बई हाईकोर्ट ने कहा-रोक व्यवहारिक नहीं

मीट बैन पर गरमाई सियासत; महाराष्ट्र से उठी आग कई राज्यों में पहुंची, बम्बई हाईकोर्ट ने कहा-रोक व्यवहारिक नहीं

त्यौहारों के मौसम में मुंबई में मीट बैन को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा जहां प्रतिबंध के पक्ष में है, वहीं उसकी सहयोगी शिवसेना इसका जोरदार विरोध कर रही है। महाराष्ट्र से शुरू हुआ यह विवादित मसला देश के हिस्सों में फैल गया जब राजस्थान, जम्मू कश्मीर, अहमदाबाद में भी इसी तरह के निर्देश जारी किए गए। हालांकि मुंबई में खींचतान बढ़ने के बाद बंबई हाईकोर्ट ने व्यवस्था दी है कि मांस की बिक्री पर रोक व्यवहारिक नहीं है। 

आजाद भारत में गुलामी की जकड़न

आजादी! जी हां, एक ऐसा शब्द जो जीवन के हर पल को बेहतर बनाने की ताकत देता है इस उम्मीद के साथ कि हमारा जीवन बेहतर और ताकतवर होगा तो ही हम अपने परि

मैं ऐसी सियासत में यकीन नहीं रखता जो लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटती हो: PM मोदी

मैं ऐसी सियासत में यकीन नहीं रखता जो लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटती हो: PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वह ऐसी राजनीति में विश्वास नहीं रखते जो लोगों को साम्प्रदायिक आधार पर बांटती है और न ही वह कभी साम्प्रदायिक भाषा बोलेंगे। उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक की राजनीति देश की पहले ही बहुत क्षति कर चुकी है।

'एकात्म मानववाद' पर सियासी खेल

'एकात्म मानववाद' पर सियासी खेल

वासिंद्र मिश्र ,एडिटर (न्यूज़ ऑपरेशंस), ज़ी मीडिया

बिलावल ने इमरान खान से कहा, भुट्टो खानदान से सीखें सियासत

बिलावल ने इमरान खान से कहा, भुट्टो खानदान से सीखें सियासत

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने आज कहा कि क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान को भुट्टो खानदान से राजनीति सीखनी चाहिए।

बर्धवान ब्लास्ट में दो महिलाएं गिरफ्तार, राजनीति शुरू

पश्चिम बंगाल के बर्धवान जिले में हुए विस्फोट के सिलसिले में दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है और एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है वहीं दूसरी ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और माकपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो गया है। दो संदिग्ध उग्रवादियों की जान लेने वाले इस विस्फोट में आतंकवादी समूह का हाथ होने की जांच की जा रही है।

मोदी बनाम ऑल...

सियासत की बदली हुई तस्वीर में महामुकाबले की यही तस्वीर सबको नजर आ रही है। सोनिया, राहुल, माया, मुलायाम, नीतीश, इन सभी के केवल दल बदले हैं लेकिन सियासी निशाना सिर्फ है वो है नरेन्द्र मोदी। लिहाजा नरेन्द्र मोदी ने भी अपनी रैलियों में अब नया ऐलान शुरु कर दिया है कि कमल को दिया हर वोट मोदी को वोट होगा।

सत्ता हर कीमत पर

सियासत में सत्ता के लिए तमाम हथकंडे अपनाए जाते हैं। चाहे वो विरोधियों पर वार हो या अपनी जय जयकार। लेकिन सियासत के मैदान में उतरी पार्टियां दिन के साथ ही अपनी नीतियां बदलने लगें तो ये कितना सही है? नेता ज़रूरत के हिसाब से रंग बदलते हैं, दल भी बदल लेते हैं ऐसे में उनकी नीतियों की बात तो नहीं की जा सकती लेकिन एक विचारधारा को लेकर राजनीति में उतरीं पार्टियां अगर सत्ता के लिए सियासत में अपनी विचारधारा से हाथ धो लें तो ऐसा करना कहां तक उचित है।

सिद्धांत, सियासत और सत्ता

देश की राजनीति ने इस साल एक ऐतिहासिक बदलाव देखा है। परंपरागत राजनीति से परे उसूलों के सहारे परिवर्तन की राजनीति ने राजधानी दिल्ली की सत्ता पर पिछले 15 साल से काबिज 128 साल पुरानी पार्टी को बाहर का रास्ता दिखा दिया। हो सकता है कि ऐसा बदलाव लेकर आने वाली आम आदमी पार्टी के पास सिद्धांत ना दिखें लेकिन क्या ऐसा पहली बार हो रहा है कि राजनीति में बिना सिद्धांतों के सहारे आने वाली पार्टी सत्ता में आई हो।

संस्‍कृति, सियासत और सेक्‍शन 377

देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस इन दिनों समाज में गे और लेस्बियन संबंधों को कानूनी मान्यता देने के पक्ष में मुखर नज़र आ रही है। ऐसी मुखरता तो महंगाई और भ्रष्टाचार जैसे आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर भी नज़र नहीं आई।

मज़हब, संत और सियासत

ये लाइनें हिंदी के मशहूर साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन की कविता मधुशाला से हैं और ये इस बात को ताकीद करती रही हैं कि मधुशाला में जाकर मजहब का भेदभाव मिट जाता है, लेकिन अब नया ट्रेंड साधू संतों कथावाचकों की राजनीति में बढ़ती दिलचस्पी और सत्ता-कॉरपोरेट घरानों के बीच में शुरू हुई लॉबिंग के खेल में उनकी सक्रियता के चलते पूरा का पूरा समीकरण बदलता दिखाई दे रहा है।

नरेंद्र मोदी : सत्ता और सिद्धांत

सत्ता और सिद्धांत में अगर किसी एक को चुनना हो तो हमारे देश के ज्यादातर नेता सत्ता को ही तरजीह देंगे। कट्टर हिंदुत्व की तरंगों पर चढ़कर भारतीय जनता पार्टी में शीर्ष पर पहुंचे गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल्ली में दिया गया बयान उनके भावी रणनीति और राजनैतिक दर्शन का संकेत है।