उम्र बढ़ने के साथ उम्र संबंधी शारीरिक समस्याएं बढ़ने लगती हैं. जिनमें से आंखों की रोशनी कमजोर होना भी एक आम समस्या है. आमतौर पर आंखों की कमजोर रोशनी का पार्किंसन बीमारी से कोई संबंध नहीं होता, लेकिन कई बार यह पार्किंसन बीमारी के कारण भी आंखों की कुछ समस्याएं हो सकती हैं. आइए पार्किंसन बीमारी और आंखों की समस्याओं के बीच संबंध जानते हैं.


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मगर इससे पहले आपको बता दें कि पार्किंसन की बीमारी एक ब्रेन डिसऑर्डर है. जिसमें नर्वस सिस्टम के कारण हाथ-पैर हिलने जैसी समस्या होने लगती है. इस बीमारी के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए हर साल 11 अप्रैल को वर्ल्ड पार्किंसन डे मनाया जाता है.


पार्किंसन बीमारी के साथ होने वाली आंखों की समस्या
नोएडा स्थित जेपी अस्पताल के Department of Ophthalmology के डायरेक्टर डॉ. सत्य कर्णा के मुताबिक पार्किंसन बीमारी के कारण निम्नलिखित आंखों की समस्याएं हो सकती हैं. जैसे-


1. कलर ब्लाइंडनेस के साथ धुंधली नजर
आंख के पीछे और दिमाग के विजुअल कनेक्शन में डोपामाइन कम होने के कारण नजर धुंधली होने लगती है. हालांकि dopaminergic दवाओं के साथ इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है, मगर आपको आंखों की रोशनी में शायद ही कोई अंतर महसूस हो सके.


2. रूखी आंख
पलके झपकाना कम करना या फिर आंसुओं के निर्माण में कमी के कारण आंखें रूखी हो जाती हैं. वहीं, पार्किंसन को सही करने वाली दवाओं के कारण भी कई बार ड्राई आईज की प्रॉब्लम देखने को मिलती है. जिसका इलाज करने के लिए आर्टिफिशियल टीअर्स और आईलिड हाइजीन का इस्तेमाल किया जा सकता है.


3. कंवर्जेंस इनसफिशियंसी के कारण डबल विजन
कंवर्जेंस इनसफिशियंसी एक आम समस्या है, जो व्यक्ति की किसी पास आ रही वस्तु पर फोकस करने की क्षमता को प्रभावित करती है. अगर पार्किंसन के मरीज को डबल विजन की समस्या है, तो उसे एक आंख को बंद करके दूसरी आंख से देखना चाहिए. अगर तब भी यह समस्या बनी रहती है, तो यह कंवर्जेंस के कारण हो सकती है. वरना इसके पीछे अन्य आम कारण हो सकते हैं.


आंखों की रोशनी कमजोर होने से कैसे बचाएं?


  1. आंखों की जांच करवाने के लिए नियमित रूप से आंखों के डॉक्टर से मिलें.

  2. हमेशा दो चश्मों का उपयोग करें, पहला पास की चीजें पढ़ने के लिए और दूसरा दूर की चीजें देखने के लिए.

  3. पलकों की दिक्कत दूर करने के लिए गर्म पानी से भीगे कपड़े से सिकाई करें.

  4. आंखों में नमी रखने के लिए आर्टिफिशियल टीअर का इस्तेमाल करें.

  5. आंखों की एक्सरसाइज करें.


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